अयोध्या, 5 जनवरी (बु.)। मनगरी में सरयू तट पर निर्मित हो रहे कोरियाई स्मारक का खास आकर्षण इसका मुख्य मंडप होगा। विशुद्ध कोरियाई शैली में बनाया जा रहा मंडप धीरे-धीरे आकार लेने लगा है। इसी मंडप के नीचे भगवान बुद्ध विराजेंगे। साथ ही किंग सूरो तथा क्वीन हो की प्रार्थना करती प्रतिमाएं भी रहेंगी। इन दिनों कोरियाई आर्किटेक्ट मंडप तैयार कर रहे हैं। इसका निर्माण कोरियाई टीक व चीड़ की लकड़ी से किया जा रहा है। इसकी आयु सौ वर्ष आंकी गई है। इस तरह का कोरियाई स्मारक भारत में सिर्फ अयोध्या में ही है। इसमें कील व कांटे का प्रयोग नाममात्र किया जा रहा है। इन लकडिय़ों को विशेष रूप से काटा गया है, जो एक दूसरे के भीतर ही फिट हो गई हैं। एक-एक लकड़ी की फिङ्क्षटग से आकर्षक मंडप तैयार हो रहा है। इसके शीर्ष पर मिट्टी डाल कर इस पर कोरियाई खपड़ा लगाया जा रहा है। इससे बारिश का पानी आसानी से मंडप से नीचे गिर जाएगा। इस पार्क में क्वीन हो व किंग सूरो का पवेलियन अलग से तैयार किया जाएगा। इसे स्थानीय विशेषज्ञ तैयार करेंगे।

मंडप के समानांतर स्मारक का कार्य चल रहा है। कोरिया व अयोध्या के बीच दो हजार वर्ष पुराने रिश्तों को यह स्मारक जीवंत करेगा। कोरिया के राजा सूरो तथा अयोध्या की राजकुमारी हो का विवाह हुआ था, इस वजह से कोरिया के लोगों का अयोध्या से विशेष अलावा है। गत दिनों ही कोरियाई आर्किंटेक्ट मंडप निर्मित करने के लिए सामग्री लेकर अयोध्या पहुंचे थे। इसमें लकड़ी के अलावा पिलर, पैड, कोरियाई खपड़ा शामिल है। इसी को आपस में संयोजित कर मुख्य मंडप की छतरी तैयार की गई। इससे जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि लकड़ी से निर्मित हो रहे मंडप की आयु कम से कम सौ वर्ष होगी।



