कानपुर, 23 जनवरी (बु.)। हमेशा सुर्खियों में रहने वाली यूपी पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। दरअसल कानपुर में जमीन विवाद के एक मामले में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मृतक को ही शांति भंग में पाबंद कर परिजनों को समन जारी कर दिए। मामला जानकारी में आने के बाद घर वालों की शिकायत पर सीओ ने जांच के निर्देश दिए हैं। दरअसल शिवराजपुर में बीते 26 दिसंबर को दुबियाना निवासी आकाश कुशवाहा व कस्बा के अवनीश पांडेय के घरवालों के बीच जमीन विवाद में मारपीट हुई थी। पुलिस ने मामले में बिना जांच के ही दोनो पक्षों के पांच लोगों को शांति भंग में पाबंद कर दिया। आकाश कुशवाहा ने बताया कि पिता पप्पू कुशवाहा की मौत दस वर्ष पहले हो चुकी है। पुलिस ने उसके पक्ष से मां मंजू देवी व पिता पप्पू को भी शांति भंग में पाबंद कर दिया हैं। 13 जनवरी को पिता के नाम से पुलिस का नोटिस मिला तो उसने थाना पुलिस को मामले की जानकारी कराई। लेकिन थाने में कुछ नहीं सुना गया। 22 जनवरी को बिल्हौर तहसील में जमानत के लिए पहुंचा। यहां सीओ बिल्हौर को उक्त घटना की जानकारी दी। जिसके बाद हड़कंप मच गया। सीओ बिल्हौर राजेश कुमार ने बताया कि मारपीट की मामले में शांति भंग की कार्रवाई की गई हैं। पुलिस ने मृतक व्यक्ति को कैसे पाबंद कर दिया गया। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



