हरियाणा, 6 दिसंबर (बु.)। हरियाणा में सरकार द्वारा छात्राओं की सुविधा के लिए गई थी। लेकिन छात्राओं के लिए चलाई गई पिंक बसें अब कोरोना सैंपल की टीमों को ले जा रही है। छात्राओं को इन बसों का लाभ नहीं मिल रहा है। एक पिंक बस में रोजाना कोरोना ड्यूटी में टीम को भेजा जा रहा है। जबकि एक बस को कभी किसी सहारनपुर रूट, तो कभी अंबाला रूट पर लगा दिया जाता है। रादौर में भी छात्राओं के लिए कोई विशेष बस नहीं है। जिससे उन्हें परेशानी होती है। काफी समय से यहां भी विशेष बस चलाए जाने की मांग की गई, लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।सरकार के निर्देश पर रोडवेज ने जनवरी माह में छात्राओं के लिए पिंक बसें चलाई थी। यह बसें बिलासपुर, प्रतापनगर से आने वाली छात्राओं को लाने के लिए थी। कुछ दिनों तक छात्राओं को इसका फायदा हुआ। अब यह बसें अन्य कार्यों में प्रयोग की जा रही है। कॉलेज व कोचिंग में आने वाली छात्राओं को पहले ही तरह अब दूसरी बसों से आना पड़ रहा है। छात्रा कमल अरोड़ा, रितू देवी, अवनी ने बताया कि वे पढ़ाई के लिए यमुनानगर जाती हैं। इसी प्रकार उनकी तरह हर रोज सैकड़ों लड़कियां व महिलाएं भी शहर जाती हैं। पिंक बसों से उन्हें फायदा हुआ। भीड़ में उन्हें परेशान नहीं होना पड़ा। अब फिर से वही हालात हो गए हैं। वहीं इस मामले पर जीएम लेखराज का कहना है कि इस समय कालेज बंद पड़े हैं। छात्राएं भी कम ही आ रही है। इसलिए इन बसों को दूसरे रूटों पर लगाया गया है। जब स्थिति सामान्य हो जाएगी, तो फिर से इन बसों को छात्राओं के लिए लगा दिया जाएगा।



