हरियाणा, 6 दिसंबर (बु.)।हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के वैक्सीन की डोज लेने के बाद कोरोना पॉजिटिव होने से हड़कंप मच गया और वैक्सीन को लेकर आशंकाएं भी जताई जान लगी। इन सबके बीच डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि विज के कोरोना संक्रमित होने का वैक्सीन का काेई लेना-देना नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि कोवैक्सीन लेने के बाद भी 42 दिनों तक ऐहतियात जरूरी है। वैकसीन लेने के 42 दिनों तक कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है। रोहतक पीजीआइएमएस के डॉक्टरों ने पूरे मामले में आशंकाओं को दूर किया है और कहा है कि वैक्सीन लेने के बाद शरीर में एंटी बॉडी 42 दिन बाद बनना शुरू होता है। असल, विज के कोरोना संक्रमित होने के रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई कोविड-19 की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल को लेकर कई तरह की बातें शुरू हो गईं। इसके बाद कोवैक्सीन ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेसिगेटर डा. सविता वर्मा में स्पष्ट किया है कि इसका स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के कोरोना संक्रमित होने का वैक्सीन की ट्रायल की सफलता-असफलता से कोई लेना-देना नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री को पहली डोज दी गई है, दूसरी डोज के दो सप्ताह तक भी कोरोना संक्रमण का खतरा रहता है। शरीर में एंटी बॉडी 42 दिन के बाद बनना शुरू होती है। अभी तक वैक्सीन/प्लेसिबो लगाने के कोई मुख्य दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं।




