मुजफ्फरनगरः प्रधानमंत्री आवास योजना के मामले में भ्रष्टाचार में लिप्त जेई पर कसा कानूनी शिंकजा
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प्रधानमंत्री आवास घोटाले में जेई वैभव बर्ख़ास्त
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सर्वरों की मीटिंग में अवैध रूप से धन मांगने का आरोप
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वीडियो के आधार पर सुड्डा के निदेशक ने की कार्यवाही
मुजफ्फरनगर, 29 दिसंबर (बु.) प्रधानमंत्री आवास योजना(शहरी) में भ्रष्टाचार के आरोप में सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने तत्काल प्रभाव से योजना के म्युनिसिपल सिविल इंजीनियर मुजफ्फरनगर वैभव कुमार की तत्काल सेवा समाप्त करने के आदेश दिए हैं। ये कार्यवाही अवैध वसूली के एक वीडियो के आधार पर की गई हैं। परियोजना निदेशक को भेजे गए आदेश में सूडा निदेशक ने योजना के बुढाना प्रभारी सर्वेयर सचिन त्यागी के विरुद्ध भी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन सूत्रों के मुताबिक जेई वैभव कुमार ने खुले रूप से जनपद के सर्वेयरों की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से पांच-पांच हजार रुपए अवैध वसूली की बात कही थी। विभाग के कर्मियों ने इस कथित बातचीत का वीडियो वायरल कर दिया। वायरल वीडियो सूडा तक पहुंचा तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाकर जांच के आदेश दिए गए हैं। बताया जाता है कि इस वीडियो में सर्वेयर सचिन त्यागी कहता दिखाई पड़ रहा है कि उसके बुढाना में तो प्रत्येक लाभार्थी से 5000 रुपए वसूली का खुला रेट है। सिविल इंजीनियर म्युनिसिपल प्रधानमंत्री की इस महत्वकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने की कड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है तथा पूरे जनपद की बागडोर परियोजना निदेशक के साथ-साथ उसी के हाथ में रहती है। लंबे अरसे से वैभव कुमार ही जनपद में इस अभियान से जुड़े रहे हैं हालांकि यदा-कदा प्रधानमंत्री आवास योजना में पूर्व में भी आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं, लेकिन अब तक केवल सर्वेयर ही कार्यवाही की जद में आए। पहली बार सिविल इंजीनियर पर कार्यवाही की गई है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार ने कहा की वैभव पीएम आवास में कंपनी के द्वारा नियुक्त है, जिसमे सर्वेयर की मीटिंग में एक वीडियो जारी हुआ है। वीडियो में वैभव के द्वारा कुछ पैसे मांगने की बात सामने आ रही है। यह वीडियो किसी के द्वारा सूडा के डायरेक्टर उमेश प्रताप सिंह पास भेजा गया, जिसमें कार्यवाही करते हुए वैभव को बर्खास्त कर दिया गया है।
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