अयोध्या, 05 दिसम्बर (बु.) ।भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में महीनों के कार्य के बाद भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की तैयारी जमीन पर उतरने लगी है। कार्यदायी संस्था एलएंडटी एवं टाटा कंसल्टेंसी के विशेषज्ञों की देख-रेख में उन स्थलों को चिह्नित किया जाने लगा है, जहां मंदिर की पुख्ता नींव तैयार करने के लिए पाइलिंग होनी है। एक हजार वर्ष तक अक्षुण्ण रहने वाले इस कालजयी मंदिर के लिए नींव की मजबूती को बेहद अहम माना जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नींव की मजबूती से कोई समझौता नहीं करना चाहता। 360 फीट लंबे, 235 फीट चौड़े और 161 फीट ऊंचे श्रीराम मंदिर के लिए 20 से 60 मीटर तक गहरी और एक मीटर व्यास की 1200 पाइलिंग होनी है। पाइलिंग के ऊपर राफ्टिंग के बाद प्री कास्ट सीमेंट अथवा चुनार के पत्थर की पांच-छह फीट मोटी परत से मंदिर की नींव को और पुख्ता करने की योजना है। नींव के लिए जरूरत के हिसाब से 20 से 60 मीटर तक गहरी और एक मीटर व्यास की कुल 1200 पाइलिंग का निर्माण होना है। युगों तक पाषाण के मंदिर का भार संभाल सकने वाली पाइलिंग को बेहद दृढ़ बनाए जाने का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। पाइलिंग निर्माण की प्रक्रिया क्या होगी और इसमें प्रयुक्त कंक्रीट-सीमेंट का क्या अनुपात होगा, इसका परीक्षण आइआइटी, चेन्नई सहित कई अन्य अंतरराष्ट्रीय ख्याति की निर्माण संस्थाओं के विशेषज्ञों की देख-रेख में गत माह ही कर लिया गया है।



