- टिफिन में टॉयलेट करने, रजिस्टर में आपत्तिजनक बात लिखने से आक्रोशित है पीड़िता शिक्षक
- चरथावल क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में हुए घिनोने कृत्य पर पर्दा डालने की कोशिश
- पीड़ित शिक्षिका ने अधिकारियों से शिकायत करने का लिया फैसला
- पंचायत में स्कूल स्टाफ की संलिप्तता को लेकर उठे सवाल, आरोपी अभी नही हुआ बेनकाब
मुजफ्फरनग, 19 दिसंबर (बु.)। मुजफ्फरनगर जनपद की चरथावल क्षेत्र की सरकारी स्कूल में शिक्षका के टिफिन में टॉयलेट करने और रजिस्टर में गंदी गंदी बात लिखने को लेकर हुई पंचायत में जमकर बखेड़ा हुआ। पीड़ित शिक्षिका ने खरी-खोटी सुनाते हुए अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। इस घिनौने कृत्य में स्टाफ के किसी शख्स के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी उसका चेहरा बेनकाब नहीं हो सका। बड़ी बात यह है कि 11 दिन से इस कृत्य पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। दरअसल चरथावल के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका के टिफिन में टॉयलेट करने और रजिस्टर में गंदी गंदी बात लिखने की बात 7 दिसंबर की बताई गई है। पीड़ित शिक्षिका तब से ही इंसाफ पाने के लिए लड़ाई लड़ रही है। पीड़ित शिक्षिका की मानें तो 7 दिसंबर को अपना टिफिन में छोड़ गई थी उस समय कुछ लोग स्कूल में इलेक्ट्रॉनिक का काम करने आए थे 8 दिसंबर को भारत बंद होने के कारण वह अवकाश पर रही और 9 दिसंबर को वापस आई तो देखा कि किसी ने उसके टिफिन में टॉयलेट कर रखा है। यही नहीं रजिस्टर में उसके और अन्य महिला स्टाफ के बारे में गंदी-गंदी बात लिखते हुए टिप्पणी की गई थी। यही नहीं रजिस्टर के पन्ने फाड़कर डस्टबिन में डाले गए थे उसी समय स्टाफ को बुलाकर इस घिनौने कृत्य के बारे में जानकारी दी गई थी। पीड़ित शिक्षिका तब से ही लगातार प्रधानाध्यापक और दूसरे स्टाफ से दोषी का पता लगाने का दबाव बना रही थी मगर कोई कार्यवाही ना होने से नाराज शिक्षिका ने गांव में जाकर प्रभावी लोगों से मिलकर इसकी शिकायत की थी। जिसकों लेकर शुक्रवार को पंचायत बुलाई गई जिसमें ग्रामीणों ने इस हरकत पर कड़ी नाराजगी जताई। पीड़ित शिक्षिका ने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि काफी दिनों से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिक्षिका ने प्रताड़ना से तंग आकर दूसरे स्कूल में ट्रांसफर की भी बात कही। पंचायत में बड़े बड़े बुजुर्गों ने कहा कि यह हरकत माफी लायक नहीं है यह घिनौना कृत्य स्टाफ की सांठ-गांठ के बिना नहीं हो सकता। उन्होंने हेड मास्टर से भी नाराजगी जताई कि स्कूल में आखिर किस तरह की राजनीति चल रही है। जो महिला स्टाफ को इस तरह से प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। वहीं पूर्व प्रधान ने कहा कि यह स्टाफ के ही किसी सदस्य की करतूत है। भविष्य में इस तरह की ओछी हरकत नहीं होनी चाहिए। लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि इस घिनौनी हरकत के पीछे कौन-कौन लोग शामिल है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी पीड़िता को इंसाफ दिला पाती है या नहीं इस मामले में पीड़िता शिक्षिका ने अभी पुलिस में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है|



