दिल्ली, 17 दिसंबर (बु.)। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का धरना-प्रदर्शन बृहस्पतिवार को 22वें दिन में प्रवेश कर दिया। वहीं, दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान बृहस्पतिवार कृषि कानूनों को लेकर सदन में चर्चा के दौरान मामला गरमा गया। इस बीच सत्ता पक्ष के विधायक महेंद्र गोयल ने तीनों कृषि कानूनों की प्रति फाड़ डालीं। उन्होंने कहा कि ये कानून किसान विरोधी हैं। वहीं, दिल्ली से सटे नोएडा सेक्टर-14 ए स्थित चिल्ला बॉर्डर को बंद करने की नौबत आ सकी है। बृहस्पतिवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन अंबावत के कार्यकर्ता चिल्ला बॉर्डर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बॉर्डर से पहले ही कंट्रोल रूम के पास उनको रोक लिया। इससे नाराज किसान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिससे यहां पर जाम लग सकता है। इतना ही नहीं, चिल्ला बॉर्डर को बंद करने की भी नौबत आ सकती है। वहीं, दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन का 20वां दिन है। यहां पर यूपी के 18 खाप की पंचायत जारी है।



