हरियाणा, 11 जनवरी (बु.)। करनाल जिले के गांव कैमला में किसान-संवाद कार्यक्रम के दौरान हुए व्यवधान पर विपक्षी राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। कांग्रेस और इनेलो ने कहा कि किसानों को जब तीनों कृषि कानून मंजूर नहीं हैं तो केंद्र सरकार इन्हेंं किसानों की मर्जी नहीं होने के बावजूद लागू करने पर क्यों अड़ी हुई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कु. सैलजा, राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व सांसद एवं विधायक कुलदीप बिश्नोई और हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता एवं इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने कैमला के घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रियाएं जाहिर की हैं। हरियाणा के पूर्व सीएम एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार अभिमान त्याग कर तुरंत किसानों की मांगों को स्वीकार करे और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल न करे। सरकार में बैठे लोगों को याद रखना चाहिए कि जिस कुर्सी पर वे हैं, उसे प्रजातंत्र में लोगों ने ही सौंपा है। प्रजातंत्र में जनभावना का सम्मान करना चाहिए। सरकार में बैठे हुए लोगों के रवैये ने आज जनता को बुरी तरह परेशान कर दिया है। जब किसान नहीं चाहते यह कानून तो इन्हेंं क्यों लागू करने की जिद पकड़ी हुई है। हम विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस पर चर्चा करना चाहते हैं, मगर राज्यपाल मिलने का समय नहीं दे रहे हैं। अब हम राजभवन पहुंचकर दोबारा यही मांग करेंगे।



