हरियाणा, 9 दिसंबर(बु.)। भारत बंद के चलते रोडवेज डिपो को 12 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। मगर बुधवार को डिपो की सभी 150 बसें मार्गों पर उतरने से यात्रियों को काफी राहत मिली है। डिपो की तरफ से रूटीन की तरह बसों को चलाया गया। सबसे ज्यादा आसानी उन यात्रियों को हुई जो लंबी दूरी पर जाने वाले थे। जबकि मंगलवार को भारत बंद के दिन यात्रियों को काफी दिक्कतें झेलने पड़ी थी। डिपो के मार्ग कमाई का साधनबता दें कोरोना महामारी से पहले दिल्ली, पंजाब, जम्मू, हिमाचल व उत्तराखंड व यूपी में अंबाला रोडवेज डिपो की 68 बसों की सर्विस थी। डिपो से जम्मू-कटरा, पंजाब में अमृतसर, हिमाचल में रामपुर बुशहर, उत्तराखंड में हरिद्वार व देहरादून तक बसों की अंतिम सर्विस थी और यह मार्ग डिपो की कमाई का साधन रहे। लेकिन कोरोना काल के दौरान इन्हें बंद कर दिया गया था। दिल्ली को छोड़कर अब यह बसें इन लंबे मागों पर जा रही हैं। आंदोलन खत्म होने तक सिंधु बॉर्डर तक ही जाएंगी बसेंहालांकि सभी बसें ऑनरूट पर है मगर दिल्ली की तरफ जाने वाली बसें आइएसबीटी जाने की बजाय किसान आंदोलन के खत्म होने सिंधु बॉर्डर तक ही जाएंगे। बता दें डिपो की तरफ से 25 बसें दिल्ली जाती थी जो अब सिंधु बॉर्डर तक ही जा रही है। मगर यात्रियों को लिए दिक्कत यह आ रही है उन्हें दिल्ली जाने के लिए बॉर्डर से अन्य व्हीकल को पकड़ना पड़ रहा है। ऐसे में उनका समय और परेशानी दोनों साथ-साथ झेलनी पड़ रही है। बुधवार को सभी बसें रूट पर भेज दी गई है। लेकिन किसान आंदोलन तक बसें सिंधु बॉर्डर तक ही जाएंगी। -रामफल, ट्रैफिक इंचार्ज।



