मुजफ्फरनगर, 29 दिसंबर (बु.)। खबर जनपद मुजफ्फरनगर से है। जहां समाज कल्याण विभाग मेें तैनात क्लर्क घोटाले पर घोटाले करता रहा, लेकिन विभाग सोता रहा। 8 करोड़ के घोटाले के बाद शासन ने अब उसे बर्खास्त कर दिया है। इस संबंध में समाज कल्याण विभाग के निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी ने पत्र जारी किया है। वर्तमान में अनिल की तैनाती बिजनौर में थी। जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने बताया कि पूर्व में तैनात रहे क्लर्क अनिल वर्मा के बर्खास्त होने संबंधी पत्र शासन से प्राप्त हुआ है। वर्ष 2009 में जिला समाज कल्याण विभाग में करोड़ों रुपये का छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति घोटाला प्रकाश में आया था। घोटाला खोलने जा रहे तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी रिंकू सिंह राही पर गोलियां बरसा दी गई थीं। इसके बाद समाज कल्याण विभाग के 13 क्लर्कों सहित तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी गयासुद्दीन मलिक को भी निलंबित कर दिया गया था।



