नोएडा, 17 दिसंबर (बु.)। प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत बुधवार को सेक्टर – 62 स्थित उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (यूपीआईडी) में उद्योग जगत व अकादमिक क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ वेबिनार किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने ‘एडवांटेज मुजफ्फरनगर” विषय पर चर्चा करते हुए मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध उत्पाद गुड़ के उत्पादन, स्टोरेज और मार्केटिंग से जुड़ी समस्याएं और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बातचीत की।डिफेंस रिसर्च के मुख्य कार्यकारी निदेशक शैलेन्द्र जैस्वाल वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे और विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साथ काम करने और सहक्रिया बनकर चलने से आज उद्योग की विविध परेशानियों का हल निकला जा सकता है। इस दौरान पैनल में मौजूद विशेषज्ञों ने संवाद में गुड़ के स्टोरेज, गुड़ बनाने के प्रक्रिया के मानकीकरण, सूक्ष्म स्तर का अध्ययन, गुड़ पर नैनो कोटिंग की तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग आदि विभिन्न विषयों को सामने रखा। गुड़ उद्योग भंडारण की समस्या का सामना कर रहा है। अजय रमन ने बताया यदि गुड़ का सूक्ष्म स्तर पर अध्ययन करें तो गुड़ उत्पादन लाभदायक हो सकता है। अशोक सरोहा ने मानकीकरण व वैल्यू एडिशन की बात रखी। वहीं यूपीआईडी के विभागाध्यक्ष डॉ कुमार संभव ने कहा कि ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत हम उत्तर प्रदेश में विभिन्न जिलों में पारंपरिक विनिर्माण के तरीकों पर बदलाव और उत्पादों में उन्नति पर काम कर रहे हैं। यूपीआईडी नोएडा पहले भी इस दिशा में अलीगढ, मथुरा और खुर्जा के उद्योगों को ध्यान में रखकर कार्यक्रम कर चुके हैं, और उस दिशा में आगे कदम उठाए जा रहे है. एकेटीयू और ओडीओपी सेल के बीच हुए समझौते के अनुसार एकेटीयू के कॉलेज प्रदेश के विभिन्न जिले में मौजूद पारंपरिक उद्योग को आगे बढ़ाने में कार्य करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सौरभ जैन व यूपीआईडी के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र पाठक मौजूद रहे।



