दिल्ली, 15 दिसंबर(बु.)। यूं तो देश के तमाम किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि कृषि कानूनों को रद करने से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। बावजूद इसके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संगठन स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) का मानना है कि एमएसपी की गारंटी से गुत्थी सुलझ सकती है। स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने दैनिक जागरण को बताया कि वह किसान संगठनों के संपर्क में हैं। अगर सरकार एमएसपी से कम पर खरीद को गैर कानूनी कर दे, तो किसान आंदोलन वापस ले सकते हैं। हालांकि, एमएसपी खरीद की गारंटी देना किसी भी सरकार के लिए मुश्किल है।गौरतलब है कि भारतीय किसान संघ के बाद स्वदेशी जागरण मंच की ओर से भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग किसान संगठनों को बल देती है। बीकेएस के महामंत्री बद्रीनारायण चौधरी और एसजेएम के महाजन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए कीमत तय करना जरूरी है। वह इस मत से सहमत नहीं हैं कि एमएसपी खरीद को आवश्यक बनाने से भारत वैश्विक बाजार में पिछड़ सकता है। सच्चाई यह है कि इन संगठनों में रोष का एक कारण यह है कि कानून लाने से पहले उनसे कोई मशविरा नहीं हुआ।



