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Sunday, November 8, 2026

दिल्लीः मोदी ने देश में तेंदुओं की संख्या बढ़ने पर जतायी प्रसन्नता

नयी दिल्ली, 27 दिसम्बर ( वार्ता ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में तेंदुओं की संख्या बढ़ने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि हर व्यक्ति के भीतर जीवों के प्रति दया , करुणा और संवेदनशीलता होनी चाहिए । श्री मोदी ने ‘ मन की बात ‘ कार्यक्रम के अपने सम्बोधन कहा कि भारत में तेंदुओं की संख्या में 2014 से 2018 के बीच 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में देश में तेंदुओं की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीँ 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गयी। श्री मोदी ने कहा कि ये वही तेंदुए जिनके बारे में जिम कार्बेट ने कहा था कि जिन लोगों ने तेंदुओं को प्रकृति में स्वछन्द रूप से घूमते नहीं देखा, वो उसकी खूबसूरती की कल्पना ही नहीं कर सकते। उसके रंगों की सुन्दरता और उसकी चाल की मोहकता का अंदाज नहीं लगा सकते। उन्होंने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों में, विशेषकर मध्य प्रदेश , कर्नाटक और महाराष्ट्र में तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। यह एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा, “ तेंदुए, पूरी दुनिया में वर्षों से खतरों का सामना करते आ रहे हैं। ऐसे समय में भारत ने तेंदुए की आबादी में लगातार बढ़ोतरी कर पूरे विश्व को एक रास्ता दिखाया है। देश में शेरों की आबादी बढ़ी है, बाघों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही वनक्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी वजह है कि सरकार ही नहीं बल्कि बहुत से लोग, और नागरिक संस्थाएं हमारे पेड़-पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण में जुटी हुई हैं। वे सब बधाई के पात्र हैं।” प्रधानमंत्री ने हर व्यक्ति के भीतर जीवों के प्रति करुणा भाव की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए तमिलनाडु के कोयंबटूर की ‘गायत्री’ नामक युवती का उदाहरण दिया । उन्होंने कहा, “ मैंने कोयंबटूर की बेटी गायत्री के एक ह्रदयस्पर्शी प्रयास के बारे में पढ़ा जिसने अपने पिताजी के साथ, एक पीड़ित कुत्ते के लिए व्हील चेयर बना दी। ये संवेदनशीलता, प्रेरणा देने वाली है। ये तभी हो सकता है, जब व्यक्ति हर जीव के प्रति, दया और करुणा से भरा हुआ हो। ” श्री मोदी ने कहा कि दिल्ली और देश के दूसरे शहरों में ठिठुरती ठण्ड के बीच बेघर पशुओं की देखभाल के लिए कई लोग बहुत कुछ कर रहे हैं। वे उन पशुओं के खाने-पीने और उनके लिए स्वेटर और बिस्तर तक का इंतजाम करते हैं। कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो रोजाना सैकड़ों की संख्या में ऐसे पशुओं के लिए भोजन का इंतजाम करते हैं। ऐसे प्रयास की सराहना होनी चाहिये। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जेल के क़ैदियों के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जेल में बंद कैदी गायों को ठण्ड से बचाने के लिए पुराने और फटे कम्बलों से कपड़े बना रहे हैं। इन कम्बलों को कौशाम्बी समेत दूसरे ज़िलों की जेलों से एकत्र किया जाता है और फिर उन्हें सिलकर गौ-शाला भेज दिया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दूसरों की देखभाल के लिए सेवा-भाव से भरे इस प्रकार के प्रयासों को प्रोत्साहित करें क्योंकि यह ऐसा सत्कार्य है, जो समाज की संवेदनाओं को सशक्त करता है।

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