दिल्ली, 8 दिसंबर(बु.)। भारत बंद का असर छात्रों के भविष्य पर भी पड़ता दिखाई दिया। भारत बंद को लेकर जगह-जगह किसानों ने जाम लगाया हुआ है जिसके कारण कई छात्र परीक्षा केंद्रों पर देरी से पहुंचे जिसके चलते उन्हे देरी होने पर प्रवेश नहीं मिला। पीड़ित छात्रों ने बताया की यह भर्ती 4 साल बाद निकली थी लेकिन भारत बंद होने के कारण उनका भविष्य एक बार फिर अधर में लटक गया। दरअसल एनसीआर समेत पूरे देश में भारत बंद जारी है। इसका मिलाजुला असर भी देखने को मिल रहा है। भारत बंद के कारण परीक्षार्थी परेशान हुए। नोएडा सेक्टर -62 आईऑन डिजिटल सेंटर में देरी से पहुंचे विधार्थी को प्रवेश नहीं मिला। कई बच्चे दिल्ली और हरियाणा से दो बॉर्डर पार कर परीक्षा देने आए थे। कई परीक्षार्थी डायवर्जन पार कर पहुंचे थे। सन्नी झज्जर से नोएडा परीक्षा देने आए थे। दो बॉर्डर बड़ी मुसीबत से पास कर पहुंचे। सुबह पांच बजे निकले और तीन मिनट की देरी होने पर प्रवेश नहीं मिला। चार साल बाद निकली थी भर्ती। एक बार फिर भविष्य अधर में लटक गया। दिल्ली से आए संजय सिंह को भी दिल्ली यूपी बॉर्डर से पास प्रवेश नहीं मिला। जिस वजह से वह कई रास्तों से होते हुए परीक्षा केंद्र पहुंचे और परीक्षा छूट गई। वहीं, सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में एक किसान की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, किसान आंदोलन में टीडीआइ सिटी के सामने एक किसान की मौत हो गई। मृतक अजय सोनीपत के गांव बरोदा का रहने वाला था। वहीं दिल्ली पुलिस ने आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे आम नागरिकों के जीवन को बाधित न करें। पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सभी यूनिटों को निर्देश दिए हैं कि वे सड़कों पर मुस्तैद रहकर कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने सभी 15 जिले के डीसीपी को निर्देश दिया है कि सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम करें ।




