कानपुर, 24 जनवरी (बु.)। बेटियां जिंदगी में कितने भी संघर्ष के दिन आएं, लेकिन पीछे कदम नहीं हटाती हैं। 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर कुछ ऐसी ही बेटियों की कहानियां आपके सामने हैं, जिन्होंने संघर्ष के ‘शॉट’ से सफलता के क्षितिज पर अचूक ‘निशाना’ साधा और कामयाबी की इबारत लिख डाली। जिंदगी में संघर्ष के दिन आए तो उन्हें शॉट बनाकर राष्ट्रीय फलक पर निशाना साध दिया। ये हैं कानपुर की रहने वाली हेपकीडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनिका खन्ना और क्रिकेटर एकता सिंह, जो राष्ट्रीय क्षितिज पर शहर का नाम रोशन कर रहीं हैं। अर्मापुर निवासी मजदूर अनिल खन्ना और सरिता की बेटी मोनिका खन्ना ने गोवा में राष्ट्रीय हेपकीडो बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक जीतकर पहचान बनाई। 16 वर्षीय मोनिका परिवार में तीसरे नंबर की हैं। वह मां संग घर के सारे काम में मदद भी करती हैं। गोवा नेशनल में पदक के बाद अब भूटान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हो चुकी हैं। कुछ ऐसी ही कहानी है काकादेव निवासी एकता सिंह की। दिग्गज क्रिकेटर नीतू डेविड और रीता डे जैसा बनने की ठान कर एकता उप्र की सीनियर व जूनियर महिला क्रिकेट टीम में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शुमार हैं। उप्र टीम के साथ इंडिया ग्रीन, चैलेंजर ट्रॉफी में चयन हुआ। वे टीम इंडिया में जाने वाली सबसे प्रबल खिलाडिय़ों की कतार में हैं।



