मुजफ्फरनगरः भाकियू नेता की टिप्पणी पर भड़के ब्राहम्ण नेता व पुजारी
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राकेश टिकैत की फिसली जुबान, ये पंडत भी सुधर जाओ, बहुत चढ़ावा है इन पर
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किसानों के बीच भाकियू नेता की टिप्पणी पर भड़के ब्राह्मण नेता और पुजारी
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राकेश टिकैत ने माफी नहीं मांगी तो ब्राह्मण समाज करेगा विरोध
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सोशल मीडिया पर बयान का चौतरफा विरोध होने पर टिकैत ने दी सफाई
मुजफ्फरनगर, 25 दिसंबर (बु.)। कृषि बिलो के विरोध में दिल्ली के गाजीपुर बार्डर पर आंदोलनरत किसानों के बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की जुबान फिसल गई। कुछ देर में ही उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बयान में टिकैत यह कहते नजर आ रहे हंै कि ये पंडत भी सुधर जाओ, बहुत चढ़ावा है इन पर, इनसे हिसाब-किताब भी ले लो भाई। इलाज इन सब का होगा। सब की लिस्ट बनेगी, जो मदद नहीं करेगा। टिकैत के इस बयान पर ब्राह्मण समाज के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग उठा दी है। सोशल मीडिया पर बयान को लेकर चौतरफा विरोध होने के बाद राकेश टिकैत भी कुछ घंटे बाद बैक फुट पर आ गए। टिकैत ने ट्वीट कर बयान का गलत आशय ना निकालने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन सभी का है।
राकेश टिकैत के वायरल वीडियो के हुबहू शब्द
मंदिरों को रोज पूज रहे भई ये भी आ गए, मंदिर वाला एक नहीं दिख रहा भंडारा लगाता हुआ, सारे में लाइन लगा रखी मंदिरों में, भाई कहां है इनसे भी तो हिसाब-किताब ले लो, इनका अता-पता तो ले लो मंदिरों का भी। भई ये मारी मां-बहन सब दूध देरी वहां जा जा के, एक कप चाय नहीं किसी को पिलारा आंदोलन में, ये पता इनका भी चलेगा, जो एक-एक बैठे ना ये चढ़ा दो जी ये पंडित जी हैं। गाय भियारी-भैंस भियारी सबसे पहला दूध पंडित जी को, अरे यहां 10 रोटी तो भिजवा दो महाराज, एक नी भिजवा रहा भई, इनसे तो बढिय़ा गुरूद्वारे ही है या तो सुधर जाओ सारे के सारे, ये पंडत भी सुधर जाओ जोन से मंदिरों में बैठें। इनको भी सुधारना पड़ेगा, बहुत चढ़ावा है। ए सारा क्षेत्र जारा, कहा जारे, मथुरा जारे। एक कोई आया साथ में, इनसे हिसाब किताब तो ले लो भाई, सारो से ले लो। अरे भई यहाँ लगवा दो एक आधा भंडारा हम कोई कृष्ण जी के खि़लाफ़ थोड़ा हैं। लेकिन एक आधा भंडारा तो लगवा दो भई। मतलब पूरा क्षेत्र जारा हरिद्वार जारे, यहाँ जारे, एक भी पंडत नी कही आरा। इलाज़ इनका सबका होगा, इनकी सबकी लिस्ट बनेगी जो जो मदद नही करेगा।
विरोध के बाद राकेश टिकैत ने दी सफाई
मुजफ्फरनगर। ब्राह्मण सभा और पुजारियों के विरोध के बाद भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मेरे बयान का आशय मंदिर में पुजारी और ट्रस्ट से गुरूद्वारा लंगर की भांति मंदिर के पुजारी व ट्रस्ट भी आंदोलन में अपने बैनर के साथ लंगर की सेवा प्रदान करने का आशय था, मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर अन्यथा ना लिया जाए। वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश ना करें। आंदोलन सभी का है।
किसकी क्या बिसात, जो ब्राह्मण का कुछ उखाड़ पाए
मुजफ्फरनगर। सपा नेता राकेश शर्मा ने भाकियू नेता राकेश टिकैत के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। फेस बुक पर डाली पोस्ट में शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज और किसान आपका और यूनियन का स मान करते है तो इसका मतलब यह नही हुआ की आप ब्राह्मण समाज के प्रति ओछी बात कहें। पहले आपको ज्ञात करा दूँ कि पंडत नहीं पंडित होता है जो कि आपके ही नहीं वरण सभी समाज के लिए पूज्यनीय होते है। आप ब्राह्मण समाज का क्या ईलाज करने की बात कर रहे हैं, किसी की क्या बिसात जो ब्राह्मण समाज का कुछ उखाड़ पाए। चौधरी राकेश टिकैत आप अपनी जानकारी को दुरुस्त करने का कार्य भी करें, क्योंकि आपको शायद ज्ञात नहीं या आप जान-बूझकर अंजान बन रहे हैं कि भारत में सबसे अधिक सं या में किसान ब्राह्मण ही है सबसे अधिक खेती योग्य भूमि ब्राह्मण समाज के पास ही है। आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि जिन मंदिर के पंडितों से आप भंडारा कराने की बात कर रहे हैं उन पंडितों को कभी कभी अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। कल यदि कोई आंदोलन ब्राह्मण समाज का आपके खिलाफ हो गया तो आप ही कहेंगे कि यह तो गांव की भाषा है गाँव में ऐसे ही कह देते हैं, लेकिन आपको झुकना ही पड़ेगा। आपने इस तरह की ओछी बात करके ब्राह्मण समाज का स मान और मन दोनों आहत करने का कार्य किया है, जो कतई बर्दाश्त नहीं होगा। राकेश टिकैत को इस बयान पर ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होने कहा की ये जान-बूझकर अंजान बन रहे हैं कि भारत में सबसे अधिक संख्या में किसान ब्राह्मण ही है सबसे अधिक खेती योग्य भूमि ब्राह्मण समाज के पास ही है। आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि जिन मंदिर के पंडितों से आप भंडारा कराने की बात कर रहे हैं उन पंडितों को कभी कभी अपना व अपने परिवार का भरण पोषण करने में असुविधा का सामना करना पड़ता है। कल यदि कोई आंदोलन ब्राह्मण समाज का आपके खिलाफ हो गया तो आप ही कहेंगे कि यह तो गांव की भाषा है गाँव में ऐसे ही कह देते हैं, लेकिन आपको झुकना ही पड़ेगा। आपने इस तरह की ओछी बात करके ब्राह्मण समाज का स मान और मन दोनों आहत करने का कार्य किया है, जो कतई बर्दाश्त नहीं होगा। राकेश टिकैत को इस बयान पर ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए।
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