मुजफ्फरनगर, 26 दिसंबर (बु.)। ईसाइयों के विशेष पर्व 25 दिसंबर यानी क्रिसमस डे पर जब चर्च के पादरियों ने चर्च के बाहर पोस्टर लगवा दिए कि चर्च के अंदर सिर्फ चर्च के सदस्य ही प्रवेश करेंगे इसके बावजूद भी लोग चर्च जाने से नहीं रुके और चर्च के बाहर पहुंचकर नालियों पर ही मोमबत्तियां लगा दी। सुबह के समय चर्च के पादरियों ने चर्च के सदस्यों को अंदर प्रवेश कर भगवान यीशु को याद किया और प्रार्थना सभा का कोरोना संक्रमण के नियमों के चलते सोशल डिस्टेंस के साथ आयोजन किया। पादरियों ने पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण से निजात पाने की प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान सभी सदस्यों ने सांटा क्लॉज़ को भी याद किया और उनसे उपहार स्वरूप पूरे देश से कोरोना से छुटकारा पाने की प्रार्थना की। देर शाम टाउन हॉल से लेकर मालवीय चौक तक भीड़ का नजारा देखने को मिला जो लोग क्रिसमस डे मनाने के लिए बाजारों में निकले उन्होंने कोरोना के सारे नियम तोड़ते हुए भीड़ जुटाई ही साथ ही साथ टाउन हॉल के बाहर खड़े टेले पर भी जमकर साउथ इंडियन व्यंजन का स्वाद लिया। आज के दिन शहर में रहने वाले इसाई धर्म से जुड़े लोग सज धज कर बाहर निकले और अपने पर्व को मनाने के लिए अपने घरों में झालार तो लगाई ही साथ ही साथ बाजारों में खरीदारी करते भी दिखाई दिए। शाम के समय एक और जहां टाउन हॉल के निकट स्थित चर्च के बाहर नौजवान युवक युवतियों की भीड़ दिखाई दी लेकिन इसके बावजूद भी नौजवान चर्च में जलाने के लिए जो मोमबत्तियां लाए थे उन्होंने चर्च के बाहर नालियों पर ही जला दी और चर्च के बाहर ही प्रार्थना करके घर वापस लौट गए।



