नयी दिल्ली 25 दिसंबर (वार्ता) उपराष्ट्रपति एम . वेंकैया नायडू ने सुशासन को विकास की पहली शर्त करार देते हुए कहा है कि सभी स्तरों पर इसकी शपथ ली जानी चाहिए। श्री नायडू ने शुक्रवार को सुशासन दिवस के अवसर पर जारी एक संदेश में कहा कि किसी भी समाज के विकास के लिए सुशासन सबसे पहली जरूरत है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्री नायडू ने कहा कि सुशासन दिवस पर अटल जी के सपनों के भारत को राष्ट्र का लक्ष्य मान कर उन्हें सिद्ध करने का संकल्प लिया जाना चाहिए और राष्ट्र के पुरुषार्थ को दिए गए उनके आह्वान को याद किया जाना चाहिए। उन्होंने सुशासन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए श्री वाजपयी की एक कविता को भी उद्धृत किया- ” मैं अखिल विश्व का गुरु महान,
देता विद्या का अमर दान,
मैंने दिखलाया मुक्ति मार्ग
मैंने सिखलाया ब्रह्म ज्ञान..
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अन्तिम जय का वज्र बनाने
नव दधीचि हड्डियां गलाएं
आओ फिर से दिया जलाए.”



