एक करोड़ के मीठे पान को 28 लाख का चूना
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लाटरी के झांसे में आकर कुरालसी गांव का किसान शिव कुमार हुआ ठगी का शिकार
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लाटरी पाने की चाह में तीन माह से दस खातों में डालता आ रहा था रकम, बिहार के बताए गए अधिकांश खाते
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मोटी रकम गंवाने के बाद किसान को ठगी का अहसास
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एसएसपी अभिषेक यादव के आदेश पर बुढ़ाना कोतवाली में दर्ज हुआ धोखाधड़ी का मुकदमा
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विवेचक ने मुज़फ्फरनगर आकर साइबर सेल के अधिकारियों से ली मदद
मुज़फ्फरनगर, 24 दिसंबर (बु.)। एक करोड़ की लाटरी पाने की लालच में कुरालसी गांव के एक किसान ने 28 लाख रुपये गंवा दिए। जालसाज करीब तीन माह से किसान को ठगता आ रहा था। यह रकम करीब दस खातो में हड़पी गई है। एसएसपी अभिषेक यादव के आदेश पर बुढ़ाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में अधिकांश बैंक खाते से बिहार से जुड़े बताए गए हैं।
लाटरी के नाम पर ठगी का यह गोरखधंधा बरसों से चल रहा है। पुलिस की तमाम जागरूकता के बावजूद जिले का एक और किसान बड़ी ठगी का शिकार बन गया। पुलिस के मुताबिक बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के कुरालसी निवासी शिव कुमार को सितंबर माह में एक कॉल आई, जिसमें एक करोड की लाटरी निकलने का झांसा दिया। एक करोड़ की लाटरी की बात सुनकर शिव कुमार उछल गया। ठगी की घटनाओं से अनभिज्ञ किसान शिव कुमार ने यह पूछने की जरूरत नहीं समझी कि आखिर उनकी एक करोड़ की लाटरी कैसे निकल गई। जालसाज ने एक करोड़ की रकम भेजने का लालच देकर टीडीएस आदि के बहाने रकम ऐंठना शुरू कर दिया। लालच में फंसा किसान एक-एक कर खातों में रकम डालता चला गया। बीस लाख रुपये देने के बाद किसान को थोड़ा शक भी हुआ, लेकिन लालच हावी होने के कारण वह जालसाज की बातों में फं सता चला गया। 28 लाख रुपये की रकम जमा कराने के बाद शिव कुमार को झटका लगा, क्योंकि आरोपी रकम ऐंठने के नई-नई औपचारिकताएं बता रहा था। पीड़ित किसान ने विरोध जताया कि आरोपी मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर गायब हो गया।
पीड़ित किसान शिव कुमार ने तीन दिन पहले एसएसपी अभिषेक यादव से मिलकर लाटरी के नाम पर हुई ठगी की पूरी जानकारी दी। कप्तान ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बुढ़ाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। दरोगा धीरज सिंह ने पीड़ित किसान से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विवेचक ने बुधवार को मुज़फ्फरनगर साइबर सेल आकर विवेचना से जुड़े तथ्यों को लेकर बातचीत की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह रकम तीन माह में दस खातों में ली गई है। इनमें से अधिकांश खाते बिहार के बताए गए है। पुलिस मान रही है कि यह खाते भी फर्जी आईडी पर ही खोल गए है।
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