प्रयागराज, 13 दिसंबर (बु.)। कोरोना के कारण देशभर में स्लाकूल बंद है। जिसके चलते लॉकडाउन में बंद चल रहे विद्यालयों के बीच प्राथमिक विद्यालय बघोलवा आदिवासी बस्ती विकास खंड जसरा के शिक्षकों ने आदिवासी बस्ती में बच्चों एवं अभिभावकों के बीच जाकर वहीं दरी, बोरी आदि बिछाकर उपस्थित बच्चों को कुछ सीख देने का प्रयास कर रहे हैं। जो गांव के अभिभावकों को भी अच्छा लग रहा है। इस पाठशाला में कोविड 19 के तहत विभाग से उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक सामग्री को बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों से वार्तालाप शैली में ही शून्य की अवधारणा, सामान्य जोड़, घटाना, अक्षर व मात्रा ज्ञान आदि सिखाया गया। गत दिवस घूरपुर में हुई कार व ट्रक की दुर्घटना से बच्चों को अवगत कराते हुए जीवन में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई। जिसमें सड़क पर अपने बाएं से चलने के क्रम में बायां व दायां की अवधारणा को भी आत्मसात कराया गया। बच्चे लूडो खेलकर अपनी खुशी जाहिर किए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस कोरोना काल में बच्चे घर की सीमा में कैद होकर रह गए हैं। अत: कोविड नियमों का पालन करते हुए उनके बीच जाकर उन्हें कुछ सीख प्रदान करना समय की जरूरत है। इस कार्य में सहायक अध्यापक मोहम्मद हसीन एवं शिक्षामित्र विजय यादव जी भी सहयोगी भूमिका में रहे। वह लोग प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत बच्चों को उनके घर जाकर बस्ती में पढ़ाई कराते हैैं। शिक्षा के साथ ही दैनिक जीवन में उपयोगी बातें भी बता रहे हैैं



