हरियाणा, 13 दिसंबर (बु.)। एक तरफ बेटियां दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रही हैं, दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं जो बेटी के जन्म पर मां को दोषी ठहराते हुए उन्हें घर से निकाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पानीपत में सामने आया है। पानीपत वही जिला है, जहां पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू हुआ था। यहां सेक्टर-29 क्षेत्र के एक गांव में दहेज में कार न लाने और बेटी पैदा होन से खफा ससुराल वालों ने महिला को पीटकर बच्ची सहित घर से बाहर निकाल दिया। सेक्टर 29 थाना पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मारपीट, अप्राकृतिक यौन शोषण और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया गया है।पीड़ित महिला ने सीएम विंडो में शिकायत दी है कि 28 फरवरी 2018 को उसकी शादी हुई थी। उनके पिता ने शादी में 15 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बाद ही ससुराल वाले दहेज में कार न लाने के लिए प्रताड़ित करने लगे। चार फरवरी 2019 को उसने बेटी को जन्म दिया। पिता ने स्कूटी दी। पति, सास-ससुर और ननद कार लेने पर अड़े रहे। वे धमकी देते रहे कि वे उसे मारकार पंखे से लटका देंगे या फिर तेल डालकर जला देंगे। वे बेटी के पैदा होने पर खुश नहीं थे। मारपीट कर उसे बेटी सहित घर से बाहर निकाल दिया। वे डेढ़ साल से बेटी के साथ मायके में रह रही है। आरोपितों ने उसे व बेटी को साथ रखने से इन्कार कर दिया है। न ही वे दान का सामान लौटा रहे हैं। कई बार पंचायत हुई, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।



