वाटर कूलर पर लटकी रह गई मालाएं, अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने नहीं होने दिया उद्घाटन, वापस लौटी चेयरमैन
नगर पालिका चेयरमैन द्वारा बार संघ को समर्पित किये गए वाटर कूलर का ही नहीं होने दिया गया शुभारम्भ, गहमा-गहमी के बाद वापस लौटी चेयरमैन। जिला बार में उस समय गहमा-गहमी का माहौल हो गया, जब नगर पालिका की चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप अपने द्वारा ही जिला बार संघ के अनुरोध पर बार हित में लगाए गए वाटर कूलर का शुभारम्भ करने पहुंची। बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी इस बात को लेकर अड़ गए कि हम अकेले इस वाटर कूलर का उद्घाटन नहीं होने देंगे और उनके सांसद हरेन्द्र मलिक द्वारा द्वारा भी तीन वाटर कूलर बार को सौप गए हैं, सभी का एक साथ शुभारम्भ कराया जावेगा। ऐसे में कभी विवादों में न पड़ने वाली चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप प्रमोद त्यागी का सम्मान करते हुए वापस लौट गई। उक्त घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं और लोग इसे भाजपा बनाम सपा की नेतागिरी से जोड़कर चल रहे हैं। आपको बता दें कि जिला बार संघ की मांग पर नगर पालिका परिषद ने 15वें वित्त आयोग की निधि से अधिवक्ताओं और आमजन की सुविधा के लिए वाटर कूलर स्थापित किया है। जिसके उद्घाटन के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष, नगर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी मौजूद थे। तभी बार संघ में इस बात को लेकर भाजपा नेता शलभ गुप्ता, जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और महासचिव सुरेन्द्र मलिक में नोकझोक हो गई। बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने यह तो साफतौर पर नहीं कहा कि इस वाटर कूलर पर प्रयासरत में शलभगुप्ता का नाम क्यों लिखा गया है, मगर यह कहकर बात को घुमा दिवा कि उनके सांसद हरेन्द्र मलिक ने तीन वाटर कूलर दिये हैं और सभी वाटर कूलरों का शुभारम्भ एक साथ किया जायेगा और उनके आन्तरिक मामलों में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बार संघ की गरिमा और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। ऐसा भी हो सकता है कि वे इस वाटर कूलर को स्वीकार ही न करें। ऐसे में विवाद में पड़ते हुए नगर पालिका अध्यक्षा मीनाक्षी स्वरूप और नगर मजिस्ट्रेट अपने दल बल के साथ वापस लौट गए।



