कानपुर, 4 जनवरी (बु.)। कोरोना संकट काल के बाद स्कूल संचालकों द्वारा फीस जमा कराने को लेकर बनाया गया दबाव 12वीं की छात्रा की जिंदगी पर भारी पड़ गया। जिसके चलते परीक्षा से वंचित होने पर उसने फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। यह नौबत तब आई है जब सरकार ने स्कूल–कॉलेज को साफ तौर पर निर्देशित किया है कि लॉकडाउन के समय से फीस जमा करने के लिए अभिभावकों या छात्रों पर किसी भी तरह का दबाव न बनाया जाए और न ही उनकी पढ़ाई रोकी जाए। अब इस घटना के बाद पुलिस ने परिजनों के आरोपों के आधार पर प्रकरण की जांच शुरू की है। आपको बता दे की नेता नगर मोहल्ला निवासी अनंत कुमार की 16 वर्षीय पुत्री संजना कस्बे के विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 12वीं की छात्रा थी। भाई देवनारायण ने बताया कि रात में मच्छर अगरबत्ती जलाने के लिए माचिस लेने बहन के कमरे में गया तो उसका शव फांसी पर लटका देखकर घबरा गया। उसकी चीख सुनकर स्वजन पहुंच गए। संजना ने मां की साड़ी का फंदा बनाकर हुक से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सोमवार की सुबह कोतवाल भाष्कर मिश्रा भी पहुंचे और घटना की जांच–पड़ताल की। मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि कॉलेज में अर्द्ध वार्षिक परीक्षा चल रही हैं। दो विषयों की परीक्षा के बाद उसे कॉलेज प्रबंधन ने फीस जमा नहीं होने पर परीक्षा से वंचित कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन ने फीस जमा करने का दबाव बनाया था और इसके बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की बात कही थी। इसके बाद से संजना उदास हो गई थी। फीस जमा नहीं होने की वजह से पढ़ाई रुक जाने के कारण बेटी ने आत्मघाती कदम उठा लिया।



