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Sunday, November 8, 2026

मुजफ्फरनगरः वर्ष 2020 में सड़क हादसों में आई कमी तो कोरोना बना लोगों की जान का दुशमन

कोरोना काल में सड़क हादसों में आई 47 प्रतिशत की कमी
प्रदेश में छठे पायदान से खिसक 35 वें स्थान पर पहुंचा मुज फरननगर
हादसों में होने वाली मौतों का ग्राफ भी दस प्रतिशत नीचे आया
सड़कों पर चिंहित ब्लैक स्पॉट पर प्रभावी कदमों का नजर आया असर

मुजफ्फरनगर, 31 दिसंबर (बु.)। कोरोना महामारी के बीच अलविदा 2020 में सड़क हादसों में 47 प्रतिशत की कमी आई है, जो एक रिकार्ड है। नतीजा यह हुआ कि हादसों में मुज फरनगर छठें स्थान से खिसककर 35 वें नंबर पर पहुंच गया, जिसे प्रशासन बड़ी उपलब्धि मान रहा है। कोरोना संक्रमण को लगे लॉक डाउन और डीएम की अध्यक्षता में गठित सड़क सुरक्षा समिति के सकारात्मक प्रयासों को एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। कोरोना काल में कटु अनुभवों की तो लंबी फेहरिश्त है, लेकिन सड़क हादसों में कमी का सुखद अनुभव भी सामने आया है। 2019 में सड़क हादसों के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले थे। उस समय 2018 के मुकाबले सड़क हादसों में 32 प्रतिशत की बढोत्तरी दर्ज हुई थी। इसके बाद खासतौर से ब्लैक स्पॉट पर फोकस किया गया था। जिलाधिकारी के नेतृत्व में गठित सड़क सुरक्षा समिति ने हादसों को रोकने को कई प्रभावी कदम उठाए थे। हाइवे चौड़ीकरण में जुटी कंपनियों की मदद से वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए बडे-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए थे। इसी बीच मार्च में कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन लगने के कारण एक तरह से सड़कों से यातायात गायब हो गया था। करीब दो माह तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही थी। बाद में कुछ शर्तो पर वाहनों का संचालन शुरू हुआ था। वाहन ना चलने का असर सड़क हादसों के आंकड़ों पर पडऩा स्वाभाविक था। कोरोना का संक्रमण तो जारी है, लेकिन कोरोना काल में लॉक डाउन की वजह से सड़क हादसों के ग्राफ को नीचे जरूर लें आया। परिवहन अधिकारियों की माने तो सड़क हादसों में 2019 में मुज फरनगर प्रदेश में छठें स्थान पर था। हादसों में आई कमी के कारण इस वर्ष यह स्थान खिसककर 35 वें पायदान पर पहुंच गया है। इसी तरह सड़क हादसों में होने वाली मौतों में दस प्रतिशत से अधिक कमी आई है। हादसों और मौतों में आई कमी को लेकर जिला सड़क सुरक्षा समिति और यातायात पुलिस काफी उत्साहित है।

सामूहिक प्रयासों से आई सड़क हादसों में कमी

मुजफ्फरनगर,  उप संभागीय परिवहन अधिकारी विनीत मिश्रा का कहना है कि सामूहिक प्रयासों के चलते इस साल सड़क हादसों में कमी आई है। लॉक डाउन के अलावा यातायात नियमों का स ती से पालन कराने की कोशिश की गई है। जिला सड़क सुरक्षा समिति ने सड़क हादसे रोकने को प्रभावी कदम उठाए हैं। हाइवे और दूसरे मार्गों के ब्लैक स्पॉट पर कारगर कदम उठाए गए, ताकि बार-बार होने वाले हादसों को रोका जा सके। दूसरा हाइवे निर्माण एजेंसी को भी स त हिदायत थी कि यदि उनकी वजह से कोई हादसा हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थलों पर कंपनी की तरफ से चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। एआरटीओ मिश्रा ने बताया कि इन सब प्रयासों के चलते जिले में इस साल सड़क हादसों में 47 प्रतिशत हादसों में कमी आई है।

सड़क हादसों में 360 लोगों ने गवाई जान

मुजफ्फरनगर, तमाम प्रयासों के बाद भी जिले में 360 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई है। सबसे ज्यादा 66 मौत फरवरी माह में दर्ज की गई। जनवरी में 21, मार्च में 32, अप्रैल में 31, मई में 25, जून में 34, जुलाई में 25, अगस्त में 26, सितंबर में 34, अक्तूबर में 32, नवंबर में 17 और बीस दिसंबर तक 18 लोगों मौत हो चुकी है।

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