दिल्ली, 02 दिसम्बर (बु.)। देश के कई राज्यों में कृषि संरक्षण, कृषि प्रबंधन, वाटर हार्वेस्टिंग, सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंप की सब्सिडी और आधुनिक सिंचाई को बढ़ावा देने से किसानों को खूब फायदा हुआ है। डिजिटल, मोबाइल और वीडियो के जरिए किसानों को जागरूक करने से भी उन्हें काफी लाभ हुआ है। इससे किसानों की उपज और आमदनी में इजाफा हुआ है। वहीं, पश्चिम बंगाल में बरसाती पानी के संग्रहण से सक्षम तालाबों की संख्या बढ़ी, जिससे सरसों का उत्पादन दोगुना हो गया है। धान की पैदावार में भी इससे 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और किसानों की आय 34 प्रतिशत बढ़ी है। यानी जिन-जिन गांव में सिंचाई में सुधार की पहल हुई है अच्छे परिणाम मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन की नई रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। वहीं पानी की कमी झेल रहे 44 फीसदी लोग (1.2 अरब लोग) ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। वहीं इस चुनौती का सामना कर रहे लोगों में से 40 प्रतिशत लोग पूर्वी और दक्षिण पूर्वी एशिया और दक्षिण एशिया में रहते हैं। सेंट्रल एशिया, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिणी एशिया की स्थिति भी अच्छी नहीं है। यहां पांच में से एक व्यक्ति पानी की कमी की समस्या का सामना कर रहा है।



