मुरादाबाद, 20 फरवरी (बु.)। एसएसपी कार्यालय में आइजी की मौजूदगी के दौरान जिस अधेड़ ने आत्मदाह की कोशिश की थी, मुकदमा लिखे जाने के बाद भी सिविल लाइंस पुलिस उस पर मोम की तरह पिघल गई। गिरफ्तारी के चंद घंटे बाद ही आरोपित को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया। पुलिस की दरियादिल महानगर की सुर्ख़ियों में है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के विशनपुर उर्फ भीमाठेर गांव के रहने वाले निजार खां ने शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने अपने उपर पेट्रोल उड़ेल लिया। आत्मदाह की कोशिश कर रहे अधेड़ की जान पुलिस कर्मियों की तत्परता से बचाई जा सकी। तब एसएसपी कार्यालय पर आइजी रमित शर्मा भी मौजूद थे। मामले को गंभीरता भांप पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। कैंप चौकी प्रभारी कपिल कुमार की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में आरोपित अधेड़ के खिलाफ खुदकुशी की कोशिश के आरोप में अभियोग पंजीकृत किया। जांच का दायरा बढाते हुए उन अज्ञात लोगों के खिलाफ भी अभियोग पंजीकृत हुआ, जिन्होंने निजार खां को खुदकुशी के लिए उकसाया था। भूमि बैनामा के नाम पर करीब 15 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगाने के मामले की जांच भी शुरू हो गई। हाई प्रोफाइल मामला महानगर की सुर्खी बना। इस बीच मामले में तब नया मोड़ आ गया, जब कुछ लोग निजार खां की थाने से रिहाई की कोशिश में जुटे। दलील दी गई कि निजार खां के खिलाफ जिस धारा में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, उसमें सात साल से कम की सजा है। दबाव के खेल में पुलिस ने घुटने टेक दिए। इसके बाद आरोपित को थाने से रिहा कर दिया गया, जिसने चंद घंटे पहले ही महकमे के आला अफसरों के दिल की धड़कन बढ़ा दी। थानेदार की भूमिका के अंतिम क्षणों में प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी दरवेश कुमार ने निजार खां को थाने से रिहा कर दिया। इसके तत्काल बाद उन्होंने थाने का प्रभार अपराध निरीक्षक योगेंद्र यादव को सौंप दिया।


