हापुड़, 14 फरवरी (बु.)। कोरोना संकट काल में आत्मनिर्भर भारत की ओर गढ़ क्षेत्र बढ़ रहा है। कोरोना के कारण बेरोजगार हुए हुनरमंदों ने रोजगार के साधन तलाश लिए हैं। पुश्तैनी कार्यों को दोबारा से शुरू कर दिया है। जिनमें मुख्य कार्य चटाई का है। सैकड़ों परिवार चटाई के कार्य से जुड़े जीविका चला रहे हैं। प्रतिदिन लाखों की कीमत की चटाई तैयार होकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहर के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा में सप्लाई हो रही हैं। सर्दी के मौसम में भी चटाई का कारोबार दिन प्रति दिन तेजी से पटरी पर लौट रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की बानगी गढ़ क्षेत्र में देखने को मिलती है। कामधंधे की तलाश में अपनों का साथ छाेड़कर बाहर राज्यों में नौकरी करने गए कामगार कोरोना संकट काल में घर लौट आए थे। धीरे-धीरे हालात सुधरें तो कामधंधे की दोबारा से चिंता सताने लगी। ऐसे में इन कामगारों ने अपने पुश्तैनी चटाई बनाने के कार्य को अपना लिया और अब इसी कार्य के चलते अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे है।


