हरियाणा, 13 फरवरी (बु.)। हरियाणा कांग्रेस में टकराव व कलह समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी विवेक बंसल के प्रदेश में लगातार दौरों व प्रयासों के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा के बीच खींचतान कम हो नहीं रही है। कांग्रेस की सोशल मीडिया विंग को सक्रिय करने चंडीगढ़ पहुंचे विवेक बंसल ने हालांकि पिछले पांच माह के दौरान कांग्रेस दिग्गजों की गुटबाजी काफी हद तक कम होने का दावा किया है, लेकिन तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदेशभर में होने वाले आंदोलनों को लेकर हुड्डा और सैलजा गुट आमने-सामने है। हुड्डा अपने हिसाब से आंदोलन का संचालन कर रहे और सैलजा का अपना अलग स्टाइल है। हरियाणा कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों के विरोध में राज्यभर में आंदोलन चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हर जिले में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा की ओर से जितने भी पर्यवेक्षक बनाए गए हैं, उनमें कोई हुड्डा समर्थक नहीं है। यह स्थिति तब है, जब राज्य में कांग्रेस के 30 विधायक हैं और इनमें 25 अकेले हुड्डा के पाले में एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खड़े हैं।


