दिल्ली, 18 जनवरी (बु.)। राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के टीकाकरण का अभियान पहले दिन सुस्त रहा। खासतौर पर सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण अधिक कम रहा और सरकारी के मुकाबले निजी अस्पताल बाजी मार ले गए। पहले दिन सरकारी अस्पतालों में औसतन 42 से 43 कर्मचारियों ने टीका लिया, जबकि निजी अस्पतालों में औसतन 74 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लेकर कोरोना के खिलाफ सुरक्षा कवच मजबूत किया। हालांकि, टीकाकरण कम होने की एक वजह को-विन एप में तकनीकी खराबी भी मानी जा रही है। इसलिए सोमवार से टीकाकरण की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल, कई अस्पतालों के कर्मचारियों को एप से टीका लगवाने के लिए मैसेज नहीं मिल पाया था। इस वजह से कर्मचारियों को फोन करके बुलाना पड़ा था। इस दौरान अनेक कर्मचारियों ने टीका लेने से मना कर दिया। कर्मचारियों में टीके को लेकर भी थोड़ा संशय की स्थिति है। आरएमएल अस्पताल में रेजिडेंट डाक्टरों के टीका लगाने से मना करने के कारण भी इस अस्पताल में टीकाकरण कम हुआ। दिल्ली में 81 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। इसमें से 39 केंद्र सरकारी अस्पतालों में व 42 केंद्र निजी अस्पतालों में हैं। सभी केंद्र पर 100 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया है। पहले दिन लक्ष्य से 53.20 फीसद (4319) ही टीकाकरण हुआ।



