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Sunday, November 8, 2026

हरियाणाः करनाल में मनोहर लाल की रैली से पहले किसानों का बवाल, पुलिस ने पानी की छोड़ी बौछार

हरियाणा, 10 जनवरी (बु.)। कृषि कानून के विरोध में 46 दिनों से किसानों का आंदोौलन जारी है। लगातार किसान कृषि कानून को रद्द करने की मांग कर रहे है। जिसके चलते किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं आज यानि रविवार को  हरियाणा के करनाल में सीएम की रैली से पहले बवाल हो गया। करनाल के कैमला गांव में किसानों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी और खेतों के रास्ते अलग-अलग गुटों में किसान रैली स्थल की ओर बढ़ने लगे। स्थिति बेकाबू होते देख किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

पहले भी हुआ टकराव

कैमला गांव में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले ग्रामीणों और किसानों में टकराव हो गया था।कार्यक्रम स्थल पर विरोध जताने पहुंचे किसानों को ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया था। दोनों ओर से भीड़ के आमने-सामने होने पर पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गये थे। तनातनी और हाथापाई के बीच किसानों ने वापस लौटने का निर्णय लिया। तब जाकर अफसरों और अन्य लोगों ने राहत की सांस ली। आपको बता दें कि घरौंडा विधायक हरविंद्र कल्याण की ओर से कैमला गांव में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया है। जिसमें मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानों से संवाद करना है। इससे नाराज किसानों ने शुक्रवार को भी विधायक के फार्म हाउस के घेराव की चेतावनी दी थी।किसानों ने प्रशासन को चकमा देकर कैमला गांव में सीएम के कार्यक्रम आयोजन स्थल की ओर कूच किया। दूसरी ओर पहले से ही तैयार ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो विधायक हरविंद्र कल्याण के साथ वे किसानों को रोकने के लिए निकल पड़े। सैकड़ों की संख्या में किसानों और ग्रामीणों आमने-सामने आ गये। ग्रामीणों का कहना था कि यह धार्मिक आयोजन है और हर साल होता रहा है। ऐसे में इसका विरोध उचित नहीं है।

रणदीप सुरजेवाला ने किया ट्वीट

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि श्मनोहर लाल जी करनाल के कैमला गांव में किसान महापंचायत का ढोंग बंद कीजिए। अन्नदाताओं की संवेदनाओं एवं भावनाओं से खिलवाड़ करके कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश बंद करिए। संवाद ही करना है तो पिछले 46 दिनों से सीमाओं पर धरना दे रहे अन्नदाता से कीजिए।

 

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