दिल्ली, 9 जनवरी (बु.)। देश में डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना वायरस संक्रमण के स्वदेशी टीके में पूरा विश्वास जताया है। एसोसिएशन ने शुक्रवार को जारी अपने एक बयान में देश भर के डॉक्टरों से टीकाकरण में हिस्सा लेने की अपील की। इसके साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि देश में इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए स्वीकृति दोनों टीके (कोविशील्ड व कोवैक्सीन) सुरक्षित और प्रभावी हैं। इन दोनों टीकों को स्वदेशी कंपनियां बना रही हैं। जो प्रभावी होने के साथ-साथ ज्यादा किफायती भी हैं। कोवैक्सीन ज्यादा किफायती है, इसलिए ये टीके देश के लोगों के लिए बड़े फायदेमंद साबित होंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेएल जललाल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने दिन रात मेहतन करके स्वदेशी टीका विकसित किया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) के सहयोग से भारत बायोटेक ने इस स्वदेशी टीका कोवैक्सीन को बनाया है। जो ट्रायल के दौरान भी सुरक्षित पाया गया है। इसके अलावा कोरोना से बचाव के लिए उससे पर्याप्त प्रतिरोधकता भी उत्पन्न होती है। उम्मीद है कि यह टीका करीब 63 फीसद तक प्रभावी होगा। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का यह भी कहना है कि जल्द ही कोरोना का टीकाकरण शुरू होने वाला है। शुरुआत में डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगना है। इस टीकाकरण अभियान में आइएमए पूरा सहयोग करेगा। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि सभी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण अभियान में हिस्सा लेकर टीका लगवाएंगे।



