नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (वार्ता) जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम् हवाई अड्डों का प्रबंधन निजी हाथों में सौंपने के लिए जनवरी में रियायत समझौता होगा।नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने आज यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन तीनों हवाई अड्डों के निजीकरण लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अगस्त में मंजूरी दी थी। गत 01 सितंबर को इसके लिए सुरक्षा संबंधी मंजूरी भी मिल गई है और जनवरी में अडाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। हवाई अड्डों के निजीकरण के पहले चरण में जिन छह हवाई अड्डों के लिए बोली लगाई गई थी, ये तीनों हवाई अड्डे भी उसमें शामिल थे। मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलुरु हवाई अड्डों के निजीकरण की मंजूरी जुलाई 2019 में ही दे दी थी। इनका प्रबंधन भी अडाणी इंटरप्राइजेज को ही सौंपा गया है। कंपनी ने इस साल 31 अक्टूबर से मेंगलुरु, 01 नवंबर से लखनऊ और 07 नवंबर से अहमदाबाद हवाई अड्डे का प्रबंधन शुरू कर दिया है।
दूसरे चरण में वाराणसी, अमृतसर, भुवनेश्वर, रायपुर, इंदौर और त्रिचि हवाई अड्डों को निजी हाथों में देने की सिफारिश नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने की है। इसके लिए निविदा की शर्तों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।



