गोरखपुर, 22 दिसंबर(बु)। महंगाई से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। आलू, प्याज व सब्जी के बाद आटा-दाल भी सस्ता हो गया है। सब्जियों की आवक बढऩे और दाल की मांग कमजोर होने का असर दाल की कीमतों पर पड़ा है। बीते एक सप्ताह में अरहर की दाल में प्रतिकिलो दस रुपये की कमी आई है। आटा का भाव भी दो रुपये कम हुआ है। थोक कारोबारियों के मुताबिक दाल की कीमतों में और भी नरमी आएगी। मई से नवंबर तक सब्जी के साथ-साथ दालों के दाम में तेजी थी। थोक में अरहर की दाल 108 तो फुटकर में 125 रुपये किलो तक पहुंच गई थी, लेकिन अब वही दाल थोक में 76 से 80 तथा फुटकर में 88 से 95 रुपये किलो मिल रही है। इसी तरह चना, मसूर, मूंग और उरद की दाल के भाव भी कम हुए है, हालांकि दाम कम होने के बावजूद किराना के कुछ फुटकर विक्रेता ग्राहकों से ज्यादा कीमत ले रहे हैं। दाम गिरने के पीछे सब्जियों का सस्ता होना और दाल की मांग कम होना बताया जा रहा है। लोग दाल से ज्यादा सब्जी पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा सहालग खत्म होने का भी असर है। होटल, रेस्टोरेंट में भी दाल की खपत कम हुई है।दूसरी तरफ खाने वाले तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बरकरार है। सरसों का ब्रांडेड तेल 140 रुपये तो रिफाइंड आयल 125 रुपये तक पहुंच गया है। सिधारीपुर के किराना कारोबारी मो. जावेद ने बताया कि तेल को छोड़ दाल, मसाला और आटे के दाम कम हुए हैं। जाफरा बाजार के किराना दुकानदार रमेश गुप्ता ने बताया कि सस्ता होने के बावजूद बीते कुछ दिनों में दाल की मांग कम हुई है। जिस घर में प्रतिमाह छह किलो दाल की खपत थी वहां सिर्फ चार किलो जा रहा है। लोग सब्जी खाना ज्यादा पंसद कर रहे हैं। चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष संजय सिंहानिया के मुताबिक पाम तेल में टैक्स बढऩे से रिफाइंड तेल के दाम में बढ़ोतरी हो रही है, जबकि सरसों के तेल का दाम स्थिर है।



