- मां और पिता के अलगाव का कई वर्ष से दंश झेल रहा है बालक
- पुलिस-प्रशासन के सामने अब अंकित के पिता को ढूंढने की चुनौती
- प्रशासन की निगरानी से निकलने को झटपटा रहा है आजाद पंछी
मुजफ्फरनगर, 18 दिसंबर (बु.)।शिव चौक पर कुत्ते के साथ सड़कों पर लावारिस जिंदगी जीने वाला 10 साल का बालक माता और पिता के अलगाव का दंश झेल रहा है। मां कई बरस पहले छोटे भाई के साथ घर छोड़कर जा चुकी है जबकि पिता भी लापता है। प्रशासन को अब उसकी कोरोना रिपोर्ट आने का इंतजार है ताकि सरकारी स्कूल में उसका एडमिशन कराया जा सके। हालांकि कई बरस से खुले आसमान के नीचे रहने वाला अंकित फिलहाल प्रशासन की बंदिशों को तोड़कर बाहर आने को झटपटा रहा है। वैसे तो शहर की सड़कों पर अंकित जैसे ना जाने कितने लावारिस बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है मगर मीडिया की बदौलत प्रशासन अंकित पर मेहरबान हो गया। 10 साल के इस बालक की कहानी दर्द से भरी है। अंकित का बचपन माता-पिता के संबंधों में आए बिगड़ाव की भेंट चढ़ गया। अंकित का एक छोटा भाई भी था। अंकित की माने तो कई बरस पहले मां छोटे भाई के साथ कहीं चली गई और पिता गुड्डू एक मामले में जेल गए तब से उसका कोई अता-पता नहीं है। जिसके बाद मजबूरन अंकित ने शिव चौक पर अपना आशियाना बना लिया। सड़कों पर घूमने के कारण एक कुत्ता उसका साथी बन गया। वहीं जब अंकित और कुत्ते के साथ सोने का फोटो वायरल हुआ तो पुलिस प्रशासन हरकत में आया और अब अंकित फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में है। अंकित की हेल्थ से जुड़ी तमाम मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट तो सही आई है जबकि कोरोना रिपोर्ट आने का इंतजार है। प्रशासन अब अंकित को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने की तैयारी में है ताकि उसका जीवन स्तर सुधारा जा सके। हालांकि कई बरस तक आजाद पंछी की तरह सड़क पर घूमने वाला अंकित प्रशासन की बंदिशों को गले नहीं उतार पा रहा है। वह बाल कल्याण समिति के निगरानी से झटपटा रहा है। वह कई बार यहां से निकलने की कोशिश भी कर चुका है। चाइल्ड हेल्प लाइन से जुड़ी पूनम शर्मा का कहना है कि बालक की अभी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद उसे बाल गृह में दाखिल किया जाएगा।




