दिल्ली, 16 दिसम्बर (बु.)। किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इसको लेकर व्यापारी संगठन कन्फेडेरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पांच हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान लगाया है। किसान कानूनों से संबंध रखने वाले विभिन्न वर्गों को लेकर आयोजित एक बैठक में कैट ने यह आंकड़ा रखा है। व्यापार और अर्थव्यवस्था को हो रहे नुकसान पर कैट ने किसानों से सरकार से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार हैं। पर इससे किसी और अधिकार पर प्रभाव पड़े यह कतई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली न तो कृषि राज्य है एवं न ही औद्योगिक राज्य। यह देश का सबसे बड़ा व्यापारिक वितरण केंद्र है जहां देश के विभिन्न राज्यों से दिल्ली में माल आता है और दिल्ली से देश के समस्त राज्यों में माल जाता है। एक मोटे अनुमान के अनुसार दिल्ली आने वाले माल का लगभग 30 से 40 फीसद माल आवाजाही में प्रभावित हुआ है। इसका विपरीत असर दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के व्यापार पर पड़ रहा है। किसान आंदोलन की वजह से ट्रकों की आवाजाही प्रभावित होने की वजह से बीते 20 दिन में दिल्ली और आस पास के राज्यों में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है।



