अयोध्या, 13 दिसंबर,(बु.)। रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीराम मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर निर्माण को लेकर एक और अधिसूचना जारी करते हुए नए आठ सदस्यों की विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति में देश के टॉप इंजीनियरों को रखा गया है। यह समिति मंदिर निर्माण को लेकर 15 दिसंबर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस समिति का उद्देश्य विभिन्न भू-तकनीकी सुझावों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम गुणवत्ता और दीर्घायु के साथ मंदिर का निर्माण करना है।अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और मंदिर निर्माण समिति ने श्रीराम मंदिर के लिए नींव डिजाइन की समीक्षा और सिफारिशों के लिए संबंधित क्षेत्र में प्रतिष्ठित इंजीनियरों की एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इसका उद्देश्य विभिन्न भू-तकनीकी सुझावों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम गुणवत्ता और दीर्घायु के साथ मंदिर का निर्माण करना है।

पांच एकड़ के परकोटे में मंदिर निर्माण की तैयारियों के बीच रामजन्मभूमि परिसर को विस्तार देने की तैयारी के संकेत हैं। फिलहाल, संपूर्ण रामजन्मभूमि परिसर 70 एकड़ का है और राम मंदिर निर्माण के साथ परिसर के शेष हिस्से को वैदिक सिटी के रूप में विकसित किये जाने की योजना है। इस योजना के तहत तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और प्रशासन के नुमाइंदे इन दिनों रामजन्मभूमि परिसर के आंतरिक क्षेत्र सहित परिसर से लगी बाहरी भूमि का भी जायजा लेने में जुटे हुए हैं। यद्यपि ट्रस्ट के प्रतिनिधि मौन साधकर अपने काम में लगे हुए हैं, पर सूत्रों के अनुसार भव्य मंदिर और परिसर के शेष हिस्से में वैदिक सिटी के अनुरूप उससे जुड़े मार्गों और भवनों को भी विकसित करने की योजना के तहत कुछ अन्य भूमि भी परिसर में शामिल की जानी है।




