आगरा, 13 दिसंबर(बु.)। ताजमहल के पास निर्माणाधीन म्यूजियम सियासी मुद्दा बनता जा रहा है। सपा सरकार में शुरू हुए ‘मुगल म्यूजियम’ का पहले योगी सरकार ने बदला और सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सपा सरकार आने के बाद ये म्यूजियम राष्ट्रीय एकता एवं बहुधर्मी साझी विरासत के लिए जाना जाएगा। इसको लेकर उन्होंने हाल ही में एक ट्वीट किया है।बीते शुक्रवार को सपा अध्यक्ष निजी कार्यक्रमों शिरकत करने के लिए आगरा आए थे। लखनऊ लौटने से पहले इसी बीच वह चुनिंदा पदाधिकारियों को साथ लेकर अचानक निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम पर पहुंच गए थे। लखनऊ पहुंचने के बाद उन्होंने इस म्यूजियम में भ्रमण की अपनी तस्वीरें टि्वटर पर पोस्ट कीं। साथ ही लिखा कि ‘आगरा में सपा के समय शुरू हुआ मुगल म्यूजियम सपा सरकार आने पर राष्ट्रीय एकता एवं बहुधर्मी साझी विरासत के नाम जाना जाएगा। आने वाले समय में सपा इसमें महाराजा अग्रसेन, राजमाता जीजाबाई, छत्रपति शिवाजी महाराज व शहीद भगत सिंह जी की प्रतिमा ससम्मान लगवाएगी।’दरअसल, इस मुद्दे को सियासी बनाने की नींव 14 सितंबर को रखी गई थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान ‘मुगल म्यूजियम’ का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज करने का एलान किया था। इस पर पूर्व सीएम ने नाम बदले जाने पर आपत्ति करने की बजाय इसे राष्ट्रीय एकता और बहुधर्मी साझी विरासत के लिए स्थापित करने का एलान कर डाला है।




