आगरा, 9 दिसंबर(बु.)। हाथ में एंड्रायड फोन है और गूगल पर सारा संसार उंगुलियों पर नाच रहा है। इसका लाभ खेती के कारोबार में जुटे युवा भरपूर उठा रहे हैं। तभी इन्हें प्रगतिशील किसान कहा जा रहा है। आगरा जनपद के बाह के मुकुंदीपुरा निवासी युवक हरिओम चक ने आगरा की जमीन पर थाईलैंड के अमरूद उगा दिए हैं। ये अमरूद सामान्य अमरूद से लगभग चार से पांच गुने बड़े हैं। एक अमरूद ही लगभग एक से डेढ़ किलो के बीच का होता है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायपुर से इसका बीज मंगाया था।हरिओम चक का एमएससी, एग्रीकल्चर में अंतिम साल है। उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद कहीं नौकरी करने के बजाय उन्होंने अपने पैतृक काम में ही अपना भविष्य संवारने में जुट गए हैं। उन्होंने खेती को अपना लिया है। ये अलग बात है कि पिता शोभरन सिंह जिस पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, उसमें उन्होंने बदलाव किया है। अपनी शिक्षा का उपयाेग करते हुए हरिओम आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। लाकडाउन के बाद उन्होंने टमाटर की पौध लगाई थी। जोकि अब फल-फूल गई है। वह हर सुबह घर से तैयार होकर अपनी कार से खेतों पर पहुंचते हैं और अपने हिसाब से मजदूरों से फसल में काम कराते हैं। इसके साथ ही पारंपरिक तरीके से गेहूं, बाजरा की फसल भी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने थाईलैंड के अमरूद की बीज भी रोपे थे। जोकि न सिर्फ पौधे का आकार ले चुके हैं बल्कि इन पर अमरूद भी आने लगे हैं।



