दिल्ली, 7 दिसंबर(बु.)। कोरोना के दौर में जहां कंपनियां डूबने लगी हैं, उस दौर में भी एचसीएल का तिमाही मुनाफा 31.7 फीसदी बढ़कर 2,925 करोड़ रुपये हो गया है। इसका श्रेय रोशनी के नेतृत्व क्षमता को मिला। इसी साल कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन शिव नादर ने पद से इस्तीफा देने का मन बनाया तो डायरेक्टर्स ने सर्व सम्मति से रोशनी को इस पद के उपयुक्त मानते हुए चेयरपर्सन चुन लिया। रोशनी को वाइल्ड लाइफ और पर्यवरण में गहरी दिलचस्पी है। 2018 में उन्होंने द हैबिटेट्स ट्र्स्ट की नींव रखी। इसका मकसद वन और वन्य जीवों की रक्षा करना है। ताकि कोई भी वनस्पति या जीव-जंतु विलुप्त न हो। बताया जा रहा है की 27 साल की उम्र में रोशनी नादर मल्होत्रा जब पिता की कंपनी एचसीएल टेक्नोलाजीस की सीईओ बनी, तब औद्योगिक दुनिया ने पहली बार उनका नाम सुना था। अब एक बार फिर देश की सबसे अमीर महिला चुनी जाकर चर्चा में आ गई हैं। उनके पास 54,850 करोड़ रुपये की संपत्ति है। पिछले साल फोब्र्स ने जब दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं की सूची प्रकाशित की तो उसमें भी रोशनी 54वें स्थान पर थीं। वे इस सूची में लगातार 2017 से 2019 तक बनी रहीं।



