20 C
Muzaffarnagar
Sunday, November 8, 2026

दिल्लीः दुनिया के कई देशों के लिए कारगार साबित होगा भारतीय कोरोना टीका, पढ़िए पूरी खबर

दिल्ली, 7 दिसंबर(बु.)। वैश्विक महामारी कोविड-19 से जंग निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। दुनिया के कई देशों में इसका टीका बन चुका है। वह भी एक साल के अंदर। भारत भी कोरोना का टीका विकसित करने में पीछे नहीं है। देश में चार टीके तीसरे चरण के ट्रायल में हैं। इनमें दो देश में ही विकसित किए गए हैं। यह मानव जाति की सुरक्षा के लिए चिकित्सा जगत की बहुत बड़ी कामयाबी है। यह दुनिया भर के विज्ञानियों के आपसी सहयोग से संभव हो सका है। भले ही कुछ देशों ने कोरोना का टीका थोड़ा पहले बना लिया लेकिन इस वैश्विक महामारी से मुकाबला करने में दीर्घकालिक रूप से भारतीय टीका ही दुनिया के कई देशों के लिए तारणहार साबित होगा। जनवरी में जब पूरी दुनिया के सामने खतरनाक कोरोना वायरस के संक्रमण की बात सामने आई तो चीन ने वायरस के जेनेटिक कोड की जानकारी उपलब्ध कराई। दुनिया के विज्ञानी एकत्र हुए और शुरुआत से ही टीके के विकास पर काम शुरू हो गया था। कोविड-19 से पहले भी सार्स व मर्स कोरोना वायरस की महामारी चीन सहित कुछ देशों में आती रही है। इस वजह से उन कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन प्लेटफार्म बनाने पर काम चल रहा था। वहीं टीके के विकास के साथ-साथ उसके ट्रायल की भी खास रणनीति तैयार की गई। जिससे ट्रायल में बहुत लंबा वक्त न लगे। सामान्यतौर पर जब किसी टीके का विकास होता है तो चरणबद्ध तरीके से उसका ट्रायल होता है। हर ट्रायल के लिए फंडिंग की व्यवस्था की जाती है। यह जरूरी नहीं कि हर टीका पहले फेज के ट्रायल के बाद दूसरे फेज में जाए और कामयाब हो। हर फेज के ट्रायल के बाद उसके परिणाम का इंतजार किया जाता है। इस वजह से टीके के विकास में सालों लग जाते हैं। सरकार व कंपनियों ने काफी निवेश भी किया। अच्छी बात यह है कि टीके ट्रायल में कामयाब रहे।

 

 

Related Articles

- Advertisement -spot_img

Latest Articles