हरियाणा, 02 दिसम्बर (बु.) देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाओ का खुद का भविष्य अंधकार में है, आज का युवा दिन-प्रतिदिन नशे का शिकार हो रहा है। जिसके चलते हर साल हजारों लोगों की जान चली जाती है। करनाल सीमा से लगते सनौली थाना के गांव राणा माजरा में युवा नशे के जाल में फंसते जा रहे हैं। दो साल में करीब 25 युवकों की नशे के कारण मौत हो चुकी हैं। गांव के बुजुर्ग भी युवाओं को नशा छुड़ाने के भरसक प्रयास कर चुके हैं लेकिन असर कम ही हो रहा है। गांव में 19 मौजिज लोगों की कमेटी का गठन कर नशे को गांव से बंद कराने पर सहमति की गई। दरअसल नशे की लत के आदि युवा सारा दिन गांव के पास लगते यमुना बांध, सडक किनारे खेतों के रास्ते पर जमा रहते हैं। युवाओं के नशे से परेशान बुजुर्ग लोग व खासकर महिलाएं आंखों से आंसू थमते नहीं। ग्राम पंचायत ने भी थाना, एसपी, आइजी सहित अनेक जगहों पर नशे की रोकथाम के लिए शिकायत दी। पुलिस पर नशे के मामले में ढील बरतने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस को आते देख युवक खेतों की ओर भाग जाते है। गांव में पिछले पांच वर्षो से स्मैक नशे का धंधा जोरों पर चल रहा है। यमुना नदी के कच्चे रस्ते से साथ लगते उप्र के गांव भूरा, मड़ावर, कैराना से यमुना नदी के अंदर से नाव पर नदी पार कर या टयुब पर तैरकर स्मैक ले कर आते हैं। तस्करों के साथ कुछ महिलाएं भी लगी हुई हैं । गांव के करीब 25 तस्कर स्मैक के धंधे में लगे हैं। गांव के ही कई युवा नशे के आदि हैं। साथ लगते गांव गढी बैसक, पत्थरगढ और करनाल जिले के गांव सहपत, बराना, घरौंडा, करनाल तक स्मैक लेने गांव के बाहर सडकों पर बाइकों व गाड़ियों में आते हैं। जींद, दिल्ली, अंबाला आदि शहरो से बड़ी गाड़ियों में युवा नशा खरीदने व बेचने के लिए आ रहे हैं।




