गोरखपुर, 01 दिसम्बर (बु.)। आने वाले दिनों में शहर में न तो कहीं बिजली के पोल दिखेंगे और न ही तार। जमीन के अंदर से उपभोक्ताओं को बिजली दी जाएगी। उपकेंद्रों को जाने वाली हाइटेंशन लाइनें भी अंडरग्राउंड हो जाएंगी। पूरे शहर में अंडरग्राउंड व्यवस्था से बिजली की आपूर्ति के लिए निगम डीपीआर बनवाने जा रहा है। इसके लिए टेंडर निकाला गया है।शहर में अंडरग्राउंड व्यवस्था से बिजली आपूर्ति देने की शुरुआत पुराना गोरखनाथ इलाके से हुई थी। गोरखनाथ, अलीनगर, बक्शीपुर समेत कई इलाकों में अंडरग्राउंड केबल बिछाकर आपूर्ति दी जा रही है। ज्यादा खर्चीला होने के कारण पिछले साल अंडरग्राउंड केबल बिछाने पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब फिर इस पर काम शुरू किया गया है।

गोलघर इलाके में तकरीबन 30 करोड़ रुपये की लागत से पिछले साल अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम शुरू हुआ था। एसटी इलेक्ट्रिकल्स को काम मिला था। लेकिन काम में मानकों का पालन न होने की लगातार शिकायत मिलती रही। इसके बाद डीएम ने काम रुकवा दिया। अंडरग्राउंड केबल बिछाने में मनमानी की पुष्टि के बाद बिजली निगम के अधिशासी अभियंता, उपखंड अधिकारी और अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया था। अब दूसरी कंपनी को काम सौंपा गया है। कंपनी ने गोलघर इलाके में काम शुरू कर दिया है।




