मुरादाबाद, 01 दिसम्बर (बु.)।किसान आंदोलन का असर अब कृषि उत्पादन मंडी समिति पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। महंगाई के इस दौर में पंजाब से आलू और मटर आ रहे थे। लेकिन, आंदोलन की वजह से आलू, मटर की आवक बंद हो गई। हालांकि मौसमी सब्जी आने की वजह से सब्जी के दाम पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। इससे लोगों को राहत मिल रही है।

मंडी के आढ़ती जेपी सिंह ने बताया कि दिल्ली की आजादपुर मंडी से फलों की आवक अभी बंद नहीं हुई है। इसलिए फल मंडी पर कोई असर नहीं पड़ा है। किसान आंदोलन से पहले पंजाब से आलू और मटर आ रहे थे। ये दोनों चीजें आंदोलन के बाद आनी बंद हो गईंं हैं। हालांकि अब स्थानीय किसानों का नया आलू आ गया है। इसलिए आलू के थोक के दाम 25 रुपये किलो तक हैं। यही हाल प्याज का भी है।

अगर हम प्याज़ की बात करे तो प्याज भी थोक में 25 रुपये किलो तक मिल पा रही है। मौसमी सब्जी में अच्छी गोभी पांच रुपये किलो तक मिल जा रही है। आढ़ती सचिन शंखधार कहते हैं कि स्थानीय किसानों के नए आलू, प्याज और अन्य सब्जी आने से महंगाई पर काफी हद तक अंकुश लग गया है। रोजाना ही मंडी में आवक बढ़ रही है। इससे भी सब्जी के दामों पर असर पड़ेगा। मंडी सचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि फलों की मंडी पर अभी तक कोई असर नहीं पड़ा है। स्थानीय किसानों की मौसमी सब्जी आने से आलू और प्याज सस्ते हो गए हैं।



