बरेली, 30 नवम्बर (बु.)। एक तरफ सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन कुछ लोग सरकार के आदेशों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे है। ऐसा एक मामला बरेली से सामने आया है। जहां सैंपलिंग की संख्या बढ़ाने के लिए फर्जी नामों को दर्ज किया जा रहा है। सबसे चौकाने वाली बात यह है कि इन नामों को दर्ज करने के लिए जिन नंबरों का सहारा लिया गया, वह अस्तित्व में ही नहीं है। यहां तक की दस शून्य को भी एक मोबाइल नंबर बनाकर इस पर 965 लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। शासन की ओर से जिले को प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोगों की सैंपलिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस लक्ष्य को जिले में पूरा किया जा रहा है। इसके लिए प्रतिदिन शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में तीन हजार से ऊपर सैंपल किए जाना दर्शाया जा रहा है। जबकि हकीकत इसके ठीक विपरीत है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की करीब तीस टीमें सैंपलिंग कर रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन तीस टीमों को मिलाकर भी हर रोज दो हजार सैंपल पूरे नहीं किए जा पा रहे हैं।



