लखनऊ, 30 नवम्बर (बु.)। एक तरफ कोरोना तो दूसरी और लोगों की आस्था कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही नज़ारा कार्तिक मास की सबसे बड़ी पूर्णिमा पर देखने को मिला। जहां उत्तर प्रदेश में लोग प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर, अयोध्या, हापुड़ सहित अन्य जिलों में नदियों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। देवों का महीना माने जाने वाले कार्तिक में दान, धर्म, जप, तप, दीपदान का खास महत्व है। इसी कारण लोग गंगा, यमुना, सरयू तथा गोमती के साथ अन्य नदियों में स्नान करने के बाद पूजा-पाठ तथा दान करते हैं। कार्तिक में जो लोग पूरे महीने दान व पुण्य नहीं कर पाए हैं, उन्हेंं आज के दिन जरूर दान-पुण्य करना चाहिए। जो लोग ऐसा करते हैं उनके सारे कष्टों का निवारण हो जाता है। बताया जा रहा है कि आज शाम को 5 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 37 मिनट तक शिव परिवार का पूजन करना लाभदायक है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के अलावा कृतिका नक्षत्र में भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करने से व्यक्ति अत्यंत धनवान बनता है और उसकी सात पीढिय़ों तक गरीबी का साया नहीं पड़ता। इस दिन शिव के मंत्रों का जाप व्यक्ति को ज्ञानवान बनाता है। मान्यता है कि इस दिन संध्या के समय प्रदोषकाल में शिव परिवार का पूजन करना चाहिए।



