फ़ाइल फोटो
कैराना, 30 नवम्बर (बु.)। प्राप्त समाचार के अनुसार कस्बे के निकटवर्ती गाव मवी मामोर मे आज कल अवैध रेत खनन का कारोबार कुछ स्थानीय लोगो के आशिर्वाद से चलती नजर आती है। कहावत सच होती नजर आती है कि बडे मिया तो बडे मिया छोटे मिया सुबान अल्लाह यह साबित सच जब हुई तब गाव के ही आधा दर्जन लोग टेक्टर ट्रालियो व भैसा बुग्गियो व घोडा बुग्गियो से रेत खनन करा कर हर रोज मोटीकमाई करने मे लगे है।

इतना ही नही ऐसी अवैध रेत खनन के लगभग आसपास कई पोइट बताये गये है जो अपनी दबगता व पुलिस की मिलीभगत से चलने की चर्चाओ मे है । मवी मामोर की यह अवैध रेत खनन को रोकने के लिऐ पुलिस ने शायद ही कोई ठोस कदम उठाया हो जबकि पूर्व मे भारतीय किसान यूनियन (किसान) के कार्यकर्ताओ ने उपजिलाधिकारी को ऐक शिकायती प्राथना पत्र देकर यह अवैध रेत खनन बंद कराने की माग की थी लेकिन न जाने क्यो आज तक कोई ठोस कार्यवाही अमल मे नही लायी गयी या फिर पुलिस व खनन माफियाओ के बीच कोई सुविधा शुल्क को लेकर समझोता हो गया। जिसके चलते यह खनन बंद नही हो सकी इन पोइटो पर बुग्गीयो व टैक्टर ट्रालीयो व कभी कभी डम्फर तक रेत से भरे जाते है तो वही बुग्गीयो की तो हर समय लाईने लगी होती है। उक्त गाव के ही दबग लोगो की पुलिस से अच्छी खासी बात बतायी जाती है। जिसके चलते अबैध रेत खनन बंद होने का नाम नही लेती है । हर समय रोड पर बडी संख्या मे रेत के वहान खुलेआम दोडते नजर आते है। जबकि अवैध रेत के चलने से पूर्व मे किसानो सहित गाव वासियो को यमुना नदी के पानी की मार झेलनी पडी थी।
यमुना नदी का बाध इसी पाइट से टूटा था। ओर उस समय गाव के प्रधान पर पुलिस ने हल्की फुल्की कार्य वाही करते हुऐ मामला शांत कर दिया था लेकिन किसानो को करोडो का नुकसान झेलना पडा था ओर गाँव के वासियो को अपने घरो को खाली कर खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर होना पडा था। लेकिन उसके बावजूद भी अवैध रेत खनन के चलन से यमुना तट का टूटने का खतरा बढता ही जाता है। क्या? पुलिस इस अवैध रेतखनन को बंद करा सकेगी।


