दिल्ली, 29 नवम्बर (बु.)। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आए हजारों किसान रविवार को भी सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। वह यहां से टस से मस होने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं, रविवार को किसानों ने एक बैठक के पाद किसान संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव भी ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने बुराड़ी में मुहैया कराई गई जगह पर सभी किसानों के इकट्ठा होने के बाद बातचीत शुरू करने की बात कही थी। इतना ही नहीं किसान संगठनों ने यह भी फैसला किया है कि बुराड़ी पहुंचे किसान भी वापस सिंघु बॉर्डर लौटेंगे। किसानों ने आशंका जताई है कि टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर तो सील कर दिया गया है। इसके अलावा आने वाले दिनों में हापुड़, आगरा व जयपुर रोड को भी सील किया जाएगा। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से धरने के लिए निर्धारित बुराड़ी स्थित संत निरंकारी मैदान में पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि निर्धारित स्थल पर पहुंचने के अगले ही दिन वार्ता होगी वहीं, किसानों ने अमित शाह की इस शर्त को ठुकरा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टीकरी बॉर्डर पर जमा किसान संगठन प्रमुख किसान यूनियन-एकता उगराहा के प्रधान जोगिंदर सिंह से अमित शाह ने बात की थी, वह बुराड़ी में प्रदर्शन करें, लेकिन उन्होंने यह मांग भी ठुकरा दी है। वहीं उत्तर प्रदेश के किसान यूपी गेट पर जमा हैं। रविवार दोपहर यूपी के किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़ डाले, हालांकि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के कहने पर मामला शांत है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के किसानों को रोकने के लिए 2 लेयर में बैरिकेड लगाए हैं। अगर एक टूटा तो दूसरे पर हर हाल में किसानों को रोकने का इंतजाम है। इस बीच भाकियू के हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने अहम बयान में कहा है कि किसान अब दिल्ली नहीं जाएंगे। गुरनाम सिंह ने कहा कि बुराड़ी जाने का कोई इरादा नहीं है। सरकार ने पहले डंडे मारे फिर पानी की बौछारें और आंसू गैस छोड़े। अम्बाला से लेकर यहां तक हम पर 30-32 केस दर्ज किए जा चुके हैं। हत्या का केस तक हम पर दर्ज किया गया है। हमें डर है कि जाट आरक्षण की तरह अब कुछ असामाजिक तत्व हमारे बीच न घुस जाएं और कोई अनहोनी न कर दें। इसलिए हम सतर्क हैं।



