बरेली, 29 नवम्बर (बु.)। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की कैबिनेट पास किए गए कानून द्वारा ‘लव जिहाद’ पर पहली एफआईआर दर्ज़ की गई है। इतना ही नही आरोपी के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी के आदेश भी हो चुके है। प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश, 2020 के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी है। इसके तुरंत बाद ही बरेली के देवरनियां थाने में शनिवार देर शाम विवाह के लिए जबरन धर्म परिवर्तन कराने की FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी के गिरफ्तारी के निर्देश जारी हो गए हैं।
बताया गया कि देवरनिया के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट लिखाई है कि उनकी बेटी से पढ़ाई के दौरान गांव के ही निवासी उवैस अहमद ने दोस्ती कर ली। अब वह बेटी पर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कई बार उवैस को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माना। प्रभारी एसएसपी डॉ. संसार सिंह ने बताया कि यूपी सरकार ने उप्र विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम लागू किया है। शनिवार रात देवरनिया थाने में इसी कानून के तहत उवैस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जबरन धर्मांतरण को लेकर यूपी सरकार द्वारा बनाए गए कानून को राज्यपाल ने मंजूरी दी है। इसके तहत जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर 15 से 50 हजार रुपए तक जुर्माना का प्रावधान है। वहीं शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन अवैध घोषित कर दिया गया है। अगर कोई भी धर्मगुरू धर्म परिवर्तन कराता है तो उसे 3 से 10 साल की सजा होगी।