मोरना, 5 मई (बु.)। दबंगो के रुतबे के आगे कानून किस प्रकार नमस्तक है कानूनी कार्रवाई दबंगो की चौखट पर दम तोड़ती है इसका जीवित उदाहरण गाँव चोरावाला में प्रकाश में आया है दबंगो के कारण गरीब किसान अपने ही खेत मे खड़ी गेंहू की तैयार फसल नहीं काट पा रहा है दबंगो ने किसान को गेंहू की फसल काटने से रोक दिया है। अपने ही ज़मीन पर खेती बाड़ी करने के लिये पीडित किसान पिछले कई महीनों से थाना व तहसील के चक्कर काटने को मजबूर है पीड़ित किसान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है ।
ककरौली थाना क्षेत्र के गाँव चोरावाला निवासी बिजेन्द्र कुमार पुत्र रविदत्त ने बताया कि उसने तीन बीघा जमीन गाँव के ही सुमेरा से करीब 20 वर्ष पूर्व जानसठ तहसील में बेनामा कराकर खरीदी थी कुछ वर्ष बाद दबंगों ने कोर्ट में वाद दाखिल किया जिसमे न्यायालय ने बिजेन्द्र के पक्ष में फैसला दिया किन्तु गांव के दंबग लोगो ने जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहा तो न्यायालय के आदेश पर 21 जुलाई 2018 को ककरोली पुलिस ने बिजेन्द्र को जमीन पर कब्जा दिला दिया। गत 8 फरवरी को दबंगो ने बिजेन्द्र के खेत मे खड़ी गेंहू की फसल को ट्रेक्टर्स चलाकर खुर्दबुर्द कर दिया जिसमें पीड़ित बिजेन्द्र ने ककरोली थाने पर 18 आरोपियों के विरूद्ध खेत में खडी सरसों ओर गेँहु की फसल को ट्रैक्टर द्वारा जोतकर नष्ट करने के चलते मुकदमा कायम कराया पुलिस द्वारा बरामद दो ट्रेक्टरों सीज कर आरोपियों के विरुद्ध ढुलमुल कार्रवाही की गयी जिससे दबंगो के होंसले बढ़ते गये पिछले सप्ताह जब किसान बिजेन्द्र अपने परिवार के साथ खेतों पर गेँहु की फसल काटने गया तो आधा दर्जन लोगो ने खेत पर आकर जान से मारने की धमकी देते हुए गांव छोडकर जाने का फरमान सुना दिया। जिसके चलते पीडित किसान ने पुनः पुलिस से गुहार लगाई अपनी ही फसल को काटने के लिये बिजेन्द्र थाना व तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है थाना पुलिस बिजेन्द्र को तहसील जानसठ जाने के लिये तो तहसील अधिकारी थाने जाने के लिये कहते हैं मौसम से दिन प्रतिदिन खराब हो रही गेँहू की फसल को काटने की व दबंगो से अपनी जान की सुरक्षा की गुहार पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से लगाई है ।


